समय-समय पर यह मुद्दा उठता रहता है कि कर अदायगी कोई करता है जबकि उस कर का उपभोग कोई दूसरा करता है। उदाहरणार्थ जेएनयू में फीस के मुद्दे पर छात्रों के आंदोलन के समय कुछ लोगों ने प्रश्न किया था कि हमारे कर का उपयोग प्रौढ़ हो चुके छात्रों की शिक्षा पर न किया जाय। साथ ही यह भी कहा गयाकि जेएनयू आतंकवाद का गढ़ बन गया है, अतः उनके द्वारा अदा किए गए कर का उपयोग इन आतंकवादियों पर न किया जाए। वर्तमान में किसानों के आंदोलन के समय…
Category: संपादकीय
पानी के साथ जीवन की सीख भी देती थी खत्म हो रहीं बावड़ियां : आदर्श कुमार
बावड़ि़यां वास्तुकला और जल संचय व्यवस्था का एक अद्भुत रूप है जो 7वीं शताब्दी के बाद से समूचे राजस्थान और गुजरात में आज तक बची हुई हैं। गुजरात में इनकी महत्ता और कौशल ने जो स्थान प्राप्त किया है उसे अब पार करना मुश्किल है। हालांकि पश्चिमी भारत की कला और वास्तुकला के इतिहास की कई किताबों में इन बावड़ियों की उपेक्षा की गई है परंतु इस क्षेत्र की वास्तुकला और शिल्पकला के विकास में आए बदलाव को ये भलीभांति दर्शाती हैं। ये बावड़ियां पानी तो देती ही थीं पानी…
किसान आंदोलन – 2020 : गोविन्द मौर्या ‘प्रेम जी’
है किसानों की हालत क्यों बदतर यहींक्या कृषि प्रधान देश भारत है आज भी है वहीगूंजता था जहां जय जवान जय किसान का नाराआज सड़कों पर सामना हुआ है यही देश की सियासत में इतना बादशाहत है क्योंआज सड़कों पर इतना हंगामा है क्योंआज किसानों की हालत जब हुई है खराबआज देश की हुकूमत है खामोश क्यों देश का भाग्य विधाता है अन्नदाता यहीइतना जुल्म इनपर आज क्यों करते तुमयही करते हैं तुम्हारे सियासत का फैसलाजानकर इनका हौसला कल को पछताओगे ये पानी की बौछार ये आंसू के गोलेजो चली…
क्या होता है MSP ? जो की आजकल बहुत है चर्चा में ,पढ़िए The Dastak 24 की एक रिपोर्ट —-
मोदी सरकार ने बुधवार को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 200 रुपये बढ़ा दिया है. कैबिनेट बैठक में सरकार ने खरीफ फसल का MSP बढ़ाने का फैसला लिया है. इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलने का रास्ता खुल गया है. अब दोस्तों जान लीजिये आखिर यह होता क्या है MSP ? किसानों के हितों की रक्षा करने की खातिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था लागू की गई है. अगर कभी फसलों की कीमत गिर जाती है, तब भी सरकार तय न्यूनतम समर्थन मूल्य…
फिर परधानी आईल बा : अनिल मिश्र (मुंबई)
फिर परधानी आईल बाउहै पुरनके चेहरन में अब,नई रवानी आईल बा।हमरा के लागेला जइसे,फिर परधानी आईल बा।।कतवारू जी बड़े सवेरे,गांव कै चक्कर मारे लें,जउने घर में वोटर ज्यादा,वही ज डेरा डारे लें,रामखेलावन हाथ जोड़िके,घुमत बाटें टोला में,वृद्धा पेंशन वाला फारम,धइले बाटे झोरा में,समरसता के बदरा जइसे,गांव मध्य में छाइल बा।हमरा के लागेला जइसे,फिर परधानी आईल बा।।खरपत्तू कै माई तेवरिस,मरि गइलीं लाचारी में,खेत बेंचि के रुपया फुकलैं,माई के बैमारी में,केहू मदद करे ना आयल,ना केहू दर्शन दिहलै,असों भँइस मरल बाओकर,सब केहू अंगना कईलै,यतना रुपया जुटल बा ओकरे,दूसर भँइस किनाइल बा।हमरा के…
।।जिंदगी के कुछ लम्हें।।
जिंदगी के कुछ अनमोल लम्हे हमारे साथ शेयर कर रहे अभिषेक कुमार उन्होंने कहा जिंदगी के कुछ लम्हें ऐसे भी गुजरे जब हम दोनों एक साथ रहे साथ पढ़े साथ रहे और कभी कभी थोड़ी-बहुत नोकझोंक भी हो जाती थी लेकिन उसने मुझे कभी अलग नहीं समझा अपनो की तरह ही मुझे प्यार दिया हम दोनों के साथ काटे वह दिन आज भी याद आते हैं और जैसे ही कभी वहां मेरा जाना होता है तो सबसे ज्यादा मुझे याद आते है मेरे एक बुजुर्ग मित्र की जो अब इस…
प्रेम का बंधन : गोविन्द मौर्या (प्रेम जी)
प्रेम की पावन बगिया से दो प्रेम के फूल खिले दिल में ।स्नेह प्यार के बंधन से मन मगन हुआ अपने मन में ।। जीवन के सच्चे बंधन से मन बहा प्रेम सागर की धारा में ।एक प्रेम के सच्चे सपने से स्नेह का चहल पहल हुआ मन में ।। उसकी प्यारी प्यारी खुशबू से महक का पवन चला जीवन में ।उसकी पायल की प्यारी छम छम से दिल धड़क उठा अंतर्मन में ।। उसकी आंखों की प्यारी काजल से यूं लगा घनघोर घटा छाई सावन में ।उसकी होठों की…
एटा: राजनैतिक योद्धा महादीपक शाक्य के बारे में जानें
एटा के पूर्व सांसद, भाजपा नेता डा. महादीपक शाक्य ने मंगलवार 10 नवंबर 2020 को अपने आवास गांव अगौनापुर में अंतिम सांस ली। 99 साल की उम्र में मंगलवार को पूर्व सांसद का देहांत हो गया। पूर्व सांसद की मौत के बाद उनके समर्थक और खासकर शाक्य समाज में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी मिलने पर घर पर कई नेता, सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य लोग उनके घर पहुंचे। महादीपक शाक्य के बारे में जानें मूल रूप से गांव अगौनापुर के रहने वाले डा. महादीपक शाक्य पहले ऐसे सांसद थे…
बादल आए—डॉ.एम.डी.सिंह पीरनगर ,गाजीपुर
बादल आए बादल आए बारिश लेकर बादल आए गोलू दौड़ा गीता दौड़ी रोहन साथ संगीता दौड़ी शमशेर दौड़ा गिरा धड़ाम चप्पल छोड़ लोलीता दौड़ी भीग -भीग कर खूब नहाए बादल आए बादल आएकाले घने गरजते बादल झम झमा झम बरसते बादल ऊपर नीचे रहे हैं दौड़ धूम धड़ाम कड़कते बादल बन्दी हुई रेनी डे लाए बादल आए बादल आएमेंढक टर्र-टर्र बोल रहे हैं मोर परों को खोल रहे हैं बिल्ली दुबकी कोने बैठी चूहे लप-लप डोल रहे हैं खुश किसान पौधे लहराए बादल आए बादल आए दादू पकड़े दादी डांटे मम्मी दौड़े…
3 फीट की उस लड़की जो समाज के ताने खाकर बनी IAS
आरती डोगरा आज राजस्थान कैडर की IAS अफसर हैं। आरती का कद भले छोटा है लेकिन आज वो देशभर की महिला IAS के प्रशासनिक वर्ग में मिसाल बनकर उभरी हैं और ये कहना भी गलत नहीं होगा कि उन्होंने समाज में बदलाव के लिए कई मॉडल पेश किए हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी काफी पसंद आए हैं। आरती मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली है। UPSC पास करना उनका बचपन का सपना था। बता दें कि उनके पिता कर्नल राजेन्द्र डोगरा सेना में अधिकारी हैं और मां…
आखिर क्या है अविश्वास प्रस्ताव? रिपोर्ट आदर्श कुमार की
अविश्वास का प्रस्ताव एक संसदीय प्रस्ताव है, जिसे पारंपरिक रूप से विपक्ष द्वारा संसद में एक सरकार को हराने या कमजोर करने की उम्मीद से रखा जाता है या दुर्लभ उदाहरण के रूप में यह एक तत्कालीन समर्थक द्वारा पेश किया जाता है, जिसे सरकार में विश्वास नहीं होता। यह प्रस्ताव नये संसदीय मतदान (अविश्वास का मतदान) द्वारा पारित किया जाता है या अस्वीकार किया जाता है। तो आइए, यह जानते हैं कि आखिर यह अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है, सबसे पहले संसद में यह कब आया और अब तक…
तक्षशिला के बारे में जानें
तक्षशिला : (पालि : तक्कसिला) प्राचीन भारत में गांधार देश की राजधानी और शिक्षा का प्रमुख केन्द्र था। यहाँ का विश्वविद्यालय विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में शामिल है। यह हिन्दू एवं बौद्ध दोनों के लिये महत्व का केन्द्र था। चाणक्य यहाँ पर आचार्य थे। ४०५ ई में फाह्यान यहाँ आया था। अब हमारी खबरें यूट्यूब चैनल पर भी देखें । नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें । https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g अब हमारी ख़बरें एप्लीकेशन पर भी उपलब्ध हैं । हमारा एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर से अभी डाउनलोड करें और खबरें पढ़ें । https://play.google.com/store/apps/details?id=com.dastak24.newsapp&hl=en ऐतिहासिक रूप से यह तीन महान मार्गों के संगम पर…
संसद ने लोकसभा अध्यक्ष को दी हैं असीमित शक्तियां : पढ़ें रिपोर्ट आदर्श कुमार की
लोकसभा अपने निर्वाचित सदस्यों में से एक सदस्य को अपने अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में चुनती है, जिसे लोकसभा अध्यक्ष कहा जाता है।लोक सभा में कार्य संचालन का उत्तरदायित्व अध्यक्ष का होता है। अध्यक्ष, इस पद पर निर्वाचित किये जाने की तारीख से लेकर जिस लोक सभा में उसका निर्वाचन किया गया हो, उसके भंग होने के बाद नई लोक सभा की प्रथम बैठक के ठीक पहले तक इस पर आसीन रहता है। वह पुनः इस पद पर निर्वाचित हो सकता है। लोक सभा भंग होने की स्थिति में यद्यपि…
हमेशा के लिए हमसे दूर न चली जाए गौरैया…… योगेंद्र कुमार
घर हमारे बड़े-बड़े हो गए हैं, पर दिल इतने छोटे कि उनमें नन्हीं-सी गौरैया भी नहीं आ पा रही. घर-घर की चिड़िया गौरैया आज अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है. यूरोप में गौरैया संरक्षण-चिंता के विषय वाली प्रजाति बन चुकी है और ब्रिटेन में यह रेड लिस्ट में शामिल हो चुकी है. भारत में भी पक्षी वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले कुछ सालों में गौरैया की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है. लगातार घटती इसकी संख्या को अगर हमने गंभीरता से नहीं लिया, तो वह दिन दूर नहीं, जब…
भगवान राम को झूठे बेर खिलाने वाली शबरी के वंशजों का भविष्य संवार रहे ये ‘पुलिस बाबा’
एक ट्रैफिक कांस्टेबल का क्या काम है? सड़क पर वाहनों को प्रबंधित करना, लेकिन अरूप मुखर्जी जुदा हैं। कोलकाता पुलिस के साउथ ट्रैफिक गार्ड में तैनात 44 साल के अरूप एक पूरे समुदाय को प्रबंधित कर रहे हैं। ऐसा समुदाय, जो खुद को शबरी का वंशज कहता है, जिन्होंने भगवान श्रीराम को जूठे बेर खिलाए थे। अरूप ‘शबर’ नामक इस आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए पुरुलिया जिले के पुंचा थानांतर्गत पांडुई ग्राम में नि:शुल्क आवासीय स्कूल चलाते हैं। यहां उनके पढऩे-लिखने व रहने से लेकर कपड़े व चिकित्सा तक…
आखिर क्या है अर्जक संघ ?
अर्जक संघ की स्थापना 1 जून 1968 को उत्तर प्रदेश में महामना रामस्वरूप वर्मा ने अपने सहयोगी महामना चौधरी महाराज सिंह भारती एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी । यह एक विशाल औरों से हटकर सामाजिक संघठन है। अर्जक संघ जीवन जीने की पद्धत्ति है। अर्जक संघ मानववादी संस्कृति का विकास करने का काम करता है।इसका मकसद मानव में समता का विकास करना, ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करना और सबकी उन्नति के लिए काम करना है। संघ 14 मानवतावादी त्योहार मनाता है। इनमें गणतंत्र दिवस, आंबेडकर जयंती,…
भारत में मानवाधिकार :आदर्श कुमार
द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद 1948 में 48 देशों के समूह ने समूची मानव-जाति के मूलभूत अधिकारों की व्याख्या करते हुए एक चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे। इसमें माना गया था कि व्यक्ति के मानवाधिकारों की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिये। भारत ने भी इस पर सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के इस चार्टर पर हस्ताक्षर किये। हालाँकि देश में मानवाधिकारों से जुड़ी एक स्वतंत्र संस्था बनाने में 45 वर्ष लग गए और तब कहीं जाकर 1993 में NHRC अर्थात् राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अस्तित्व में आया जो…
बीपी मंडल की वो सिफारिशें जिन्होंने भारत की राजनीति बदल दी : आदर्श कुमार शाक्य
साल 1990 में केंद्र की तत्कालीन विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार ने दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग, जिसे आमतौर पर मंडल आयोग के रूप में जाना जाता है, की एक सिफ़ारिश को लागू किया था. ये सिफारिश अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों में सभी स्तर पर 27 प्रतिशत आरक्षण देने की थी. इस फ़ैसले ने भारत, खासकर उत्तर भारत की राजनीति को बदल कर रख दिया. इस आयोग के अध्यक्ष थे बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल यानी बीपी मंडल. साल 2018 बीपी मंडल का जन्मशती वर्ष है. बीपी मंडल का जन्म…
कश्मीरी बच्चों और महिलाओं के लिए चिंतित हूं, इन्हें सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका: मलाला यूसुफजई
लंदन: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित एवं पाकिस्तानी शिक्षा अधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने बृहस्पतिवार को कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकाले जाने की अपील की. मलाला ने कहा कि हम सभी शांति के साथ रह सकते हैं और एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने की कोई आवश्यकता नहीं है. भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को निरस्त कर दिया है और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया है. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने बुधवार को…
विदेश नीति पर पहले कार्यकाल में मोदी व्यापक रूप से सफल रहे, उम्मीद है कि वह इसे फिर से दोहराएंगे
आदर्श कुमार की कलम से …….वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर अपने लिए तब विशेष सम्मान अर्जित किया जब उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में किसी दल को तीस साल बाद अपने दम पर बहुमत दिलाने का करिश्मा किया था। अब उनकी शानदार जीत न केवल उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगी, बल्कि इससे दुनिया के पहली पांत के नेताओं में उनकी स्थिति और मजबूत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में उनके समकक्ष और दुनियाभर की बड़ी शक्तियों के नेता उनके और भारत के साथ रिश्ते…
