अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने जून 2026 के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी है। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ और महिला वर्ग में इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी व्यॉट-हॉज को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।
27 वर्षीय नाथन स्मिथ ने इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से टेस्ट सीरीज जीत में न्यूजीलैंड की सफलता में अहम भूमिका निभाई। टीम के कई प्रमुख तेज गेंदबाजों के चोटिल होने के बावजूद स्मिथ ने नई गेंद से जिम्मेदारी संभाली और पूरी सीरीज में 23 की औसत से 16 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने इस पुरस्कार की दौड़ में भारत के कप्तान शुभमन गिल और बांग्लादेश के ऑलराउंडर मोसादेक हुसैन को पीछे छोड़ा।
स्मिथ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पहले टेस्ट में लॉर्ड्स पर देखने को मिला, जहां उन्होंने दूसरी पारी में 6/70 विकेट लेकर मैच में कुल नौ विकेट झटके। दूसरे टेस्ट में उन्होंने एक विकेट लेने के अलावा 38 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं निर्णायक तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 4/91 और दूसरी पारी में दो विकेट लेकर न्यूजीलैंड को ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
अवार्ड मिलने पर स्मिथ ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद खास है, लेकिन उनकी प्राथमिकता हमेशा टीम की जीत में योगदान देना रही है। उन्होंने कहा कि चोटों के कारण उन्हें नई गेंद से गेंदबाजी की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ी और वह इस चुनौती पर खरा उतरने से संतुष्ट हैं।
महिला वर्ग में इंग्लैंड की स्टार बल्लेबाज डैनी व्यॉट-हॉज ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी के दम पर यह पुरस्कार अपने नाम किया। नवंबर 2024 के बाद यह दूसरा मौका है जब उन्हें आईसीसी महिला प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। उन्होंने स्कॉटलैंड की कप्तान कैथरीन ब्राइस और भारत की बाएं हाथ की स्पिनर एन श्री चरणी को पछाड़कर यह सम्मान हासिल किया।
डैनी व्यॉट-हॉज ने कहा कि घरेलू सरजमीं पर विश्व कप के दौरान यह सम्मान मिलना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भले ही इंग्लैंड खिताब जीतने से चूक गया, लेकिन टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस टूर्नामेंट से क्रिकेट के प्रति नई पीढ़ी का जुड़ाव और बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने आईसीसी का आभार जताते हुए भविष्य में भी इंग्लैंड के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करने का संकल्प व्यक्त किया।
डैनी ने जून महीने में छह मैचों में 71.75 की औसत और 151.85 के स्ट्राइक रेट से 287 रन बनाए। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 302 रन बनाकर नया इतिहास रच दिया। वह महिला टी20 विश्व कप के एक संस्करण में 300 रन का आंकड़ा पार करने वाली पहली बल्लेबाज बनीं। उन्होंने इस दौरान 2020 विश्व कप में बेथ मूनी के 259 रन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। उनकी यादगार पारियों में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 105 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ 65 रन और गत चैंपियन न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 89 रन की मैच जिताऊ पारी शामिल रही, जिसकी बदौलत इंग्लैंड फाइनल तक पहुंचा।
