सब ठीक हो रहा है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर : आदर्श कुमार (सम्पादक दस्तक मीडिया ग्रुप)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को मिडिल ईस्ट में वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव की समाप्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को लेकर एक समझौते पर काफी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है। इससे तीन महीने पुरान युद्ध के खत्म होने और एक बड़ा समझौता होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में तैयार हो रहे इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ…

विश्व को युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए : आदर्श कुमार

आज हमारी सम्पूर्ण मानव सभ्यता को यह विचार करने की आवश्यकता है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को कैसी दुनिया छोड़कर जा रहे हैं। जिस तरह की विविधता भरी मनोरम, सुरम्य और सुंदर प्राकृतिक संसाधनों से भरी दुनिया हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए छोड़ी थी, आज वह वैसी बिल्कुल नहीं रह गयी है। हमने पिछली एक-दो शताब्दी से प्राकृतिक संसाधनों का इतनी निर्ममता से दोहन किया है कि आज हमारी इस खूबसूरत दुनिया की हालत बहुत चिंताजनक है। हम सब और हमारी सरकारों इतनी स्वार्थी और स्वकेंद्रित हो गयीं…

एक क्लिक पर खत्म हो रही कमाई : आदर्श कुमार

सोशल मीडिया के दौर में ऐसे प्लेटफॉर्मों की बाढ़ आ गई है, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को झांसा देकर भारी रकम ठग लेते हैं। इसके कारण लोगों को अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई को गंवाना पड़ता है। ऑनलाइन की सुविधा जितनी बेहतर है, कई बार तमाम कमियों के चलते लोग फ्रॉड के शिकार भी हो जाते हैं। ऑनलाइन स्कैम बढ़ते ही जा रहे हैं। आज मोबाइल पर एक गलत क्लिक से आप अपनी पूरी जमापूंजी खो बैठते हैं। इसका सीधा सा मतलब आजकल ऑनलाइन फ्रॉड (साइबर…

बच्चों की शिक्षा सुचारू बनाना सबसे ज्यादा जरूरी : आदर्श कुमार शाक्य

शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों के व्यक्तिगत और सामाजिक फायदे हैं। अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य का अर्थ होता है भविष्य में अच्छी नौकरी, आमदनी और परिवार का बेहतर जीवनस्तर। वहीं सामाजिक फायदे यह हैं कि स्वस्थ और शिक्षित नागरिक देश के आर्थिक व चहुंमुखी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यानी शिक्षा व स्वास्थ्य मानव विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। इसीलिए दुनियाभर के विकसित व विकासशील देश दोनों क्षेत्रों में खुले दिल से पैसा खर्च करते हैं। कई देशों में सरकारी अस्पताल व स्कूल दोनों ही उच्चतम दर्जे के होते…

संसद सत्र में हुए हंगामे से 166 घंटे बर्बाद, जनता के टैक्स के 248 करोड़ डूबे ? इसका जिम्मेदार कौन पक्ष या विपक्ष : आदर्श कुमार

ऑपरेशन सिंदूर से लेकर बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर हुए हंगामे के साथ संसद का मानसून सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। यह सत्र सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव, अंतिम दो सप्ताह में थोक में निपटाए गए विधायी कामकाज, जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफे और जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने के कारण चर्चा में रहा। हंगामे के कारण संसद के 166 घंटे बर्बाद हो गए। इससे जनता के टैक्स के करीब 248…

जल संकट से बचना है तो हर बूंद को सहेजना होगा : आदर्श कुमार

पंचतत्व जीवन के लिए आधार माने गए हैं। उसमें से एक तत्व जल भी है। अगर जल ही नहीं रहेगा तो जीवन की कल्पना कैसी और सृष्टि का निर्माण कैसा? जल का महत्व इस बात का भी परिचायक है कि दुनिया की बड़ी-बड़ी सभ्यताएँ और प्राचीन नगर नदियों के किनारे ही बसे और फले-फूले। लेकिन,आज विकास की अंधी दौड़ और विलासिता भरी जिंदगी में प्राकृतिक संसाधनों का तो जैसे कोई मोल नहीं रह गया है। पर्यावरण के साथ निरंतर खिलवाड़ का यह परिणाम हुआ कि आज दुनिया के अधिकांश देश…

कौन किसकी सुध ले, आज भी गटर में मरते हैं लोग : आदर्श कुमार

हम किस युग में जी रहे हैं? मानव जीवन का क्या कोई मूल्य नहीं रह गया है? हमारा देश तरक्की कर रहा है। स्मार्ट सिटी बन रहे हैं। लेकिन हम हृदय विहीन होते जा रहे हैं। नगरों में हो रही सीवर सफाई के दौरान सफाई कर्मचारियों की मौतों पर हम मुँह बंद किये बैंठे हैं। इंसानों से सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई करवाना बंद करने की सालों से उठ रही मांगों के बावजूद यह अमानवीय काम आज भी जारी है। इसी के साथ ही सीवर और सेप्टिक टैंकों में…

क्या आपको पता है कि आज आप किनके साथ अपना जन्मदिन शेयर कर रहे हैं?

धर्मगुरु दलाई लामा : धर्मगुरु दलाई लामा का जन्म आज ही के दिन साल 1935, 6 जुलाई को तिब्बत में हुआ था. इनका असली नाम ल्हामो दोंडुब है. जब ये दो साल के थे तभी इन्हें 13वें दलाई लामा थुबतेन ग्यात्सो का अवतार माना गया. और कुछ समय बाद 14वां दलाई लामा घोषित कर दिया गया. दलाई लामा एक मंगोलियाई पदवी है जिसका मतलब होता है ज्ञान का महासागर और दलाई लामा के वंशज करूणा, अवलोकेतेश्वर के बुद्ध के गुणों के साक्षात रूप माने जाते हैं। बोधिसत्व ऐसे ज्ञानी लोग…

बीमार होता देश और बेकाबू होती आबादी : आदर्श कुमार

आज भारत देश अनेक प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त नजर आ रहा है। बढ़ती आबादी के बोझ तले देश का विकास और स्वास्थ्य सेवाएं बौनी साबित हो रही हैं। देश में विकास की गति कम नहीं है, किंतु आबादी पर नियंत्रण न होने के कारण समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारत की लगभग सभी समस्याओं के मूल में जनसंख्या विस्फोट प्रमुख कारण है। इससे लोगों की मानसिकता, शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन में गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। बढ़ती हुई आबादी के कारण…

पर्यावरण को बचाना है तो वृक्षारोपण है जरूरी : आदर्श कुमार (सम्पादक दस्तक मीडिया ग्रुप)

जंगल हों या वृक्ष इनका मानव जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान है। असलियत यह है कि वृक्ष दुनिया में जीवन का समर्थन करने वाली अहम और महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाहते हैं। यह ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। लेकिन आज जिस तेजी से समूची दुनिया में जंगल खत्म हो रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब जंगलों के अभाव में धरती पर पाई जाने वाली बहुमूल्य जैव सम्पदा बड़ी तादाद में नष्ट हो जाएगी जिसकी भरपाई की कल्पना ही बेमानी होगी।…

जब बुद्ध ने बताया पूजा का तरीका: आदर्श कुमार

राजगृह पथ पर जा रहे गौतम बुद्ध ने देखा, एक गृहस्थ भीगे वस्त्र पहने सभी दिशाओं को नमस्कार कर रहा था। बुद्ध ने पूछा, ”महाशय, इन छह दिशाओं की पूजा का क्या अर्थ है ? यह पूजा क्‍यों करनी चाहिए ?”गृहस्थ बोला, “यह तो मैं नहीं जानता।”बुद्ध ने कहा, “बिना जाने पूजा करने से क्या लाभ होगा ?”गृहस्थ ने कहा, ”भंते, आप ही कृपा करके बतलाएँ कि दिशाओं की पूजा क्‍यों करनी चाहिए ?” तथागत बोले, “ पूजा करने की दिशाएँ भिन्‍न हैं । माता-पिता और गृहपति पूर्व दिशा हैं,…

खसरे का खतरा भारत पर : आदर्श कुमार

खसरा एक वायरल बीमारी है जो कि सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। जब कोई व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित होता है, तो संक्रमण दस दिनों तक रह सकता है, जिसके दौरान व्यक्ति बुखार और चकत्ते के अलावा कान में संक्रमण, तेज बुखार, थकान, गंभीर खांसी, लाल या खून वाली आंखें, और नाक बहना ,दस्त और निमोनिया जैसी विभिन्न बीमारियों का अनुबंध कर सकता है। इस साल अब तक इस बीमारी के प्रकोप में कुल 3,534 बच्चे आ चुके हैं और बहुत से बच्चों की मौत हो चुकी…

कृषि-रसायन का बढ़ता उपयोग वरदान या अभिशाप :आदर्श कुमार

कृषि-रसायन वे पदार्थ हैं, जिनका उपयोग मनुष्य कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के प्रबंधन हेतु करता है। कृषि रसायनों का इस्तेमाल फसल उत्पादन में सुधार के लिए शुरू हुआ था, लेकिन वर्तमान में इन रसायनों का अधिक एवं असंतुलित मात्रा में प्रयोग हो रहा है। ये रसायन आसपास मृदा और जल निकायों में रिसते हैं और पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। आज कृषि रसायनों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आने वाले किसानों तथा उनके परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य भी गंभीरता से प्रभावित होता है। भारत में बहुसंख्यक आबादी…

भारतीय रिजर्व बैंक की नई शुरुआत ई-रुपया : आदर्श कुमार

आरबीआई की ओर से सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) को लेकर 7 अक्टूबर, को एक कॉन्सेप्ट नोट जारी किया गया। इस कॉन्सेप्ट नोट में सेंट्रल बैंक ने बताया है कि वह कुछ खास इस्तेमालों के लिए जल्दी ही डिजिटल करेंसी (ई-रुपया) पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च करेगा। इस कॉन्सेप्ट नोट में टेक्नोलॉजी और डिजाइन के साथ ई-रुपया के उपयोग एवं इसे जारी करने के सिस्टम पर चर्चा की गई है। ई-रुपया के अंतिम रूप पर फैसला पायलट प्रोजेक्ट से मिले फीडबैक के आधार पर ही आरबीआई की ओर से…

कौतूहल का विषय है युवा लेखक अंकित मौर्य का यात्रा वृत्तांत “भटका मुसाफिर”: आदर्श कुमार

साहित्य और रचना में यात्रा की भुमिका एतिहासिक काल से महत्वपूर्ण रही है। समय-समय पर यात्रा के लेख एवं कला ने विश्व प्रसिद्ध साहित्यकारों को पहचान और मुकाम हासिल कराया है। ऐसे ही भारत के सबसे युवा यात्रा वृत्तांत लेखक हैं “अंकित मौर्य “ मूल प्रतापगढ़ सिटी (उत्तर प्रदेश) के निवासी अंकित मौर्य फिलहाल अहमदाबाद में रह रहे हैं एवं प्रतियोगि युवाओं और सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं। लेखक और इंजीनियर अंकित मौर्य का यात्रा एवं यायावरी के क्षेत्र में भारी रुझान होने के चलते ,उन्होने समय – समय…

सुभासपा को फिर अपने पाले में लाने की कोशिश में भाजपा,ओमप्रकाश से मिले दयाशंकर सिंह

भाजपा एक बार फिर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को अपने पाले में लाने की तैयारी में है। अगर भाजपा की रणनीति सफल रही तो दूसरे चरण के चुनाव से पहले सुभासपा से फिर गठबंधन हो सकता है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने राजभर से तीन दौर की बात की है। भाजपा और सुभासपा ने 2017 में गठबंधन से चुनाव लड़ा था। सुभासपा को 8 सीट मिली थीं जिसमें से उसने 4 सीटें जीती थी। भाजपा ने सरकार बनने पर ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री भी बनाया था।…

यूपी की सियासत में स्वामी प्रसाद मौर्य का असर : समझें आदर्श कुमार शाक्य की रिपोर्ट

देश के सबसे बढ़े सूबे उत्तर प्रदेश में चुनावी समर भूमि सज गई है। कहीं गढ़ बचाने की लड़ाई है, तो कहीं नया गढ़ बनाने की चुनौती। सियासी ताकत और जातीय अस्मिता के सवाल खूब उछाले जा रहे हैं। वादों की बौछार हो रही है, तो मुद्दों की धार पैनी की जा रही है। वोटों के ध्रुवीकरण के लिए जाति और धर्म का रंग गाढ़ा किया जा रहा है। चाय-पान की दुकानों से लेकर चौराहों की अड़ियों तक जीत-हार के दावे किए जा रहे हैं। कहीं नाम और काम हावी…

जल ही जीवन है ,जल है तो कल है: जय प्रकाश श्रीवास्तव

विश्व जल दिवस के अवसर पर निस्पक्छ मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश श्रीवास्तव ने समस्त देशवासियों और संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों को अनंत कोटि शुभकामनाएं दीं और कहा की आज विश्व जल दिवस के रूप में हम सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए. हमारे पूर्वजों ने इतने अच्छे-अच्छे बाग बगीचे तैयार करके दिए थे. आज हम अपने बच्चों को पेड़ काटकर खेत बनाकर अधिक से अधिक हाइब्रिड की उपज से जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं .यह भूल जाते हैं हाइब्रिड और दवाओं के प्रयोग से…

ये है दुनिया का सबसे अमीर राजा, जिसके उपहार बांटने से गिर जाती थी सोने की कीमत

आपने बहुत से अमीर राजाओं और लोगों की कहानियां सुनी और पढ़ी होंगी, लेकिन ये कहानी है दुनिया के सबसे अमीर राजा की, जिसके उपहारों ने एक देश की अर्थव्यवस्था चौपट कर दी। हालांकि, उस राजा का देश अब खुद आर्थिक संकट से जूझ रहा है। माना जाता है कि इसी राजा ने पश्चिम अफ्रीका में शिक्षा की परंपरा शुरू की थी। वर्तमान में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस, जिनकी संपत्ति 99 बिलियन पाउंड (9028 अरब रुपये से भी ज्यादा) है, वह भी इस राजा के आसपास नहीं…

भारत : वित्तीय स्थिति को बेहतर ढंग से संभालने की जरूरत, नहीं तो लातिन अमेरिका जैसा बन जायेगा

भारत में जब कोविड की दूसरी लहर अपना तांडव मचा रही है, तब तमाम अर्थशास्त्री आर्थिक वृद्धि दर के बारे में अपने अनुमानों में संशोधन कर रहे हैं. अधिकतर टीकाकार इस बात पर सहमत हैं कि इस साल के अंत में अर्थव्यवस्था उस स्तर पर पहुंच जाएगी जिस स्तर पर दो साल पहले थी. सवाल यह है कि उसके बाद क्या होगा. क्या यह उम्मीद की जाए कि आर्थिक वृद्धि में तेजी आएगी या देश को बीच में जाकर निराशा हाथ लगेगी? इसके जवाब में पहली बात यह है, जो…