सामाजिक क्रांति व शिक्षा के अग्रदूत राष्ट्रपिता ज्योतिराव गोविंदराव फुले की आज है जयंती

ज्योतिबा फुले जी का जीवन परिचय:- ज्योतिराव गोविंदराव फुले  का जन्‍म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में महाराष्‍ट्र की एक माली जाति में हुआ था। ज्योतिबा के पिता का नाम गोविन्‍द राव तथा माता का नाम विमला बाई था । एक साल की उम्र में ही ज्योतिबा फुले की माता का देहान्‍त हो गया । पिता गोविन्‍द राव जी ने आगे चल कर सुगणा बाई नामक विधवा जिसे वे अपनी मुंह बोली बहिन मानते थे उन्‍हें बच्‍चों की देख-भाल के लिए रख लिया । ज्योतिबा को पढ़ाने की ललक से…

धर्मपरिवर्तन के बाद लड़कियां पत्नियां बनती हैं, बेटियां या बहनें क्यों नहीं? :आदर्श कुमार

पाकिस्तान में दो हिंदू लड़कियों के अपहरण और धर्म परिवर्तन पर पाकिस्तान के हिंदू भी सवाल खड़ा कर रहे हैं. सिंध की दो नाबालिग़ हिंदू लड़कियों और उनके पिता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं. मामला गुरुवार का है लेकिन रविवार को भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ट्वीट के बाद ये और सुर्ख़ियों में आया. पाकिस्तान में लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आख़िर कम उम्र की हिंदू लड़कियां ही क्यों इस्लाम से प्रभावित होकर धर्म परिवर्तन करती हैं?…

क्या महात्मा गांधी ने रखा था कांग्रेस अध्यक्ष के लिए जेपी के नाम का प्रस्ताव?

क्या प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने उनका नाम कांग्रेस अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित किया था? यह एक ऐसा सवाल है जो राजनीति की किताब में तो मिल जाएगा लेकिन इसे लेकर बातचीत कम ही होती है। दरअसल, जयप्रकाश नारायण ने मातृभूमि की मुक्ति के एक आंदोलन के रूप में अपनी भूमिका के चलते 1942 तक अग्रणी नायक की ख्याति पा ली थी। गांधी उनकी योग्यता से प्रभावित हुए और कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए जेपी के नाम का प्रस्ताव दिया लेकिन गांधी जी के इस प्रस्ताव को कांग्रेस…

खतरे में है भारत की सांस्कृतिक अखंडता और विरासत : आदर्श कुमार

भारत देश एक बहु-सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ बना एक ऐसा राष्ट्र है जो दो महान नदी प्रणालियों, सिंधु तथा गंगा, की घाटियों में विकसित हुई सभ्यता है, यद्यपि हमारी संस्कृति हिमालय की वजह से अति विशिष्ट भौगोलीय क्षेत्र में अवस्थित, जटिल तथा बहुआयामी है, लेकिन किसी भी दृष्टि से अलग-थलग सभ्यता नहीं रही। भारतीय सभ्यता हमेशा से ही स्थिर न होकर विकासोन्मुख एवं गत्यात्मक रही है। भारत में स्थल और समुद्र के रास्ते व्यापारी और उपनिवेशी आए। अधिकांश प्राचीन समय से ही भारत कभी भी विश्व से अलग-थलग नहीं रहा।…

पेड़ लगाएं और इस खूबसूरत धरा को बचाएं : आदर्श कुमार

मित्रो  दुनिया में आज 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन हम तमाम संकल्प लेते हैं, कई प्रतिज्ञाएं करते हैं कि अपने पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए ये करें वो करें. लेकिन अगले ही दिन इन सब बातों को भूल हर हमारी गाड़ी पुराने स्टाइल में चलने लगती है. इस साल विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी भारत कर रहा है. इस साल के पर्यावरण दिवस की थीम ‘प्लास्टिक प्रदूषण से धरती को दूर रखना’ है.आखिर क्यों हम अपने पर्यावरण को इस तरह…

रोजगार के आंकड़ों पर मचे घमासान का मतलब जानिए : आदर्श की रिपोर्ट

भारत सरकार की एक लीक हुई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इस समय बेरोज़गारी की दर 1970 के दशक के बाद से सबसे ज़्यादा है. हालांकि इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद नीति आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया है कि ये कोई फ़ाइनल रिपोर्ट नहीं थी. बावजूद इसके क्या है इस रिपोर्ट में दावा, क्या है इसके मायने और और ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इसका क्या मतलब है, जिन पर आरोप है कि वो इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करना…

भगवान बुद्ध की धरती पर बुद्ध का ही अपमान क्यों।

आज अखिल भारतीय मौर्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मौर्या ने बताया की पूरा विश्व तथागत बुद्ध को मानता है। लेकिन जिस देश में तथागत बुद्ध का जन्म हुआ, वहीं पर उनका अपमान किया जा रहा है। मैं किसी की महानता को कम नहीं कर रहा हूं ।लेकिन जरा सोचो अभी तक विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा होने का गौरव चीन में बनी प्रतिमा स्प्रिंग टेंपल बुद्धा 153 मीटर की ऊंचाई थी। दूसरी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा म्यामांर मैं बनी लेक्यून सेट कियार 116 मीटर थी ।तीसरी विश्व में…

छठ पर्व किसी बिशेष समुदाय के लिए नही है।

छठ महापर्व मैसेज देता है कि सूरज किसी एक का नहीं है,यह हम सबका है, हर जाति का है, हर धर्म का है । मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की अराधना की जाती है। पर्व का प्रारंभ ‘नहाय-खाय’ से होता है, जिस दिन व्रती स्नान कर अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी का भोजन करते हैं। नहाय-खाय के दूसरे दिन यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी के दिनभर व्रती उपवास कर शाम में रोटी और गुड़ से…

आज जान लें! क्या होती है आचार संहिता, क्यों और कब होती है:- आदर्श कुमार की रिपोर्ट

आचार संहिता चुनावों की घोषणा होते ही लागू कर दी जाती है। इसके बारे में तो आपने कई बार सुना होगा कि आचार संहिता लागू कर दी गई है लेकिन ये कब और क्यों लागू की जाती है। यह एक बड़ा सवाल है। आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ लागू हो जाती है और नतीजे आने तक जारी रहती है। भारतीय चुनावों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाली आचार संहिता चुनाव समिति द्वारा बनाया गया वो दिशानिर्देश होता है जिसे सभी राजनीतिक पार्टियों को मानना…

हाथरस :करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा

बहुत समय पहले इन्द्रप्रस्थपुर के एक शहर में वेदशर्मा नाम का एक ब्राह्मण रहता था। वेदशर्मा का विवाह लीलावती से हुआ था जिससे उसके सात महान पुत्र और वीरावती नाम की एक गुणवान पुत्री थी। क्योंकि सात भाईयों की वह केवल एक अकेली बहन थी जिसके कारण वह अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने भाईयों की भी लाड़ली थी। जब वह विवाह के लायक हो गयी तब उसकी शादी एक उचित ब्राह्मण युवक से हुई। शादी के बाद वीरावती जब अपने माता-पिता के यहाँ थी तब उसने अपनी भाभियों के साथ…

आखिर 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है देशभर में हिंदी दिवस? : आदर्श कुमार की रिपोर्ट

प्रस्तुत है आदर्श कुमार की रिपोर्ट हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है।वर्ष 1918  में गांधी जी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था।…

जानिए क्या है आई एम एफ ? जहां से पाकिस्तान को मिल सकता है पैसा

  पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के विशेषज्ञों के दल को आमंत्रित किया है। देश की अर्थव्यवस्था इस समय भुगतान संतुलन संकट से जूझ रही है। समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने आईएमएफ की मदद लेने का निर्णय किया है। इससे पहले, आंतरिक रूप से इस बात का आकलन किया गया था कि आईएमएफ से सहयता लेने का कितना नफा-नुकसान होगा। इसमें यह पाया गया कि प्रोत्साहन का लाभ देश को आर्थिक संप्रभुता के मोर्चे पर कुछ समझौते समेत जो लागत चुकानी होगी, उससे अधिक…

एक राष्ट्र-एक चुनाव :तभी हो सकेंगे पूरे देश में एक साथ चुनाव जब संवैधानिक ढांचे में करना होगा बड़ा बदलाव

एक राष्ट्र -एक चुनाव : पढ़ें आदर्श कुमार की रिपोर्ट  पूरे देश में हर पांच साल में एक ही बार में लोकसभा और तमाम विधानसभाओं के चुनाव करा लेने का विचार काफी समय से राजनीतिक हलके में है. यह विषय बौद्धिक बहसों में रहा है . ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विचार राजनीतिक शिगूफा ही बनता दिखाई दे रहा है। पूरे देश में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के मामले को लेकर गठित लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। कमीशन ने…

क्या होता है महंगाई भत्ता जो 7 से बढ़कर 9 फीसदी हो गया है :आदर्श कुमार की रिपोर्ट

  “प्रस्तुत है आदर्श कुमार की रिपोर्ट इतने अच्छे से कोई समाचार वाला नहीं बताएगा “   महंगाई भत्ता! ये ऐसा पैसा है, जो देश के सरकारी कर्मचारियों के रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. पूरी दुनिया में सिर्फ भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश ही ऐसे देश हैं, जिनके सरकारी कर्मचारियों को ये भत्ता दिया जाता है.ये पैसा सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिया जाता है. आज आदर्श कुमार की रिपोर्ट में बड़ी बारीकियों से इस पर नजर डालेंगे महंगाई भत्ते की शुरुआत…

पुण्यतिथि आजः दिलो-दिमाग में आज भी लयबद्ध हैं उस्ताद बिस्मिल्ला खां की शहनाई की धुनें

  उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ (अंग्रेजी: Bismillah Khan, जन्म: 21 मार्च, 1916 – मृत्यु: 21 अगस्त, 2006) हिन्दुस्तान के प्रख्यात शहनाईवादक थे। उनका जन्म डुमराँव, बिहार में हुआ था। सन् 2001 में उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वह तीसरे भारतीय संगीतकार थे जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।     जिक्र शहनाई का आए तो जहन में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की तस्वीर उभर आती है। जी हां, आज 21 अगस्त के दिन ही शहनाई के शहंशाह दुनिया ए फानी को अलविदा कह गए थे। जिनके लिए शहनाई जिंदगी की सबसे अहम तरीन चीज थी, लेकिन इंडिया गेट पर शहनाई बजाने की हसरत अधूरी…

लोक सभा में मतदान की प्रणालि‍यां क्‍या हैं ?

सभा में मतदान और मत-वि‍भाजन संबंधी प्रक्रि‍या संवि‍धान के अनुच्‍छेद 100(1) और लोक सभा के प्रक्रि‍या और कार्य-संचालन नि‍यमों के नि‍यम 367, 367क, 367कक और 367ख द्वारा संचालि‍त होती है। लोक सभा में मतदान हेतु अपनायी गयी वि‍भि‍न्‍न प्रणालि‍यां नि‍म्‍न हैं:   1. ध्‍वनि‍मत: यह कि‍सी सदस्‍य द्वारा कि‍ए गए प्रस्ताव पर पीठ द्वारा रखे गए प्रश्‍न पर नि‍र्णय लेने की एक सरल प्रणाली है। इस प्रणाली के अंतर्गत सभा के समक्ष रखे गए प्रश्‍न का नि‍र्धारण ‘हां’ या ‘नहीं’, जैसी भी स्‍थि‍ति‍ हो, द्वारा कि‍या जाता है।   2.…

संसद : लोकसभा की जानकारी

1. लोक सभा के सदस्‍यों का चुनाव आम चुनावों के माध्‍यम से वयस्‍क मताधि‍कार के आधार पर होता है। उक्‍त प्रयोजनार्थ देश को 543 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में बाँटा गया है। जब निर्वाचित सदस्‍य का पद रि‍क्‍त होता है, या रि‍क्‍त घोषि‍त कि‍या जाता है या उनका चुनाव अवैध घोषि‍त कि‍या जाता है, तो इसे उपचुनाव द्वारा भरा जाता है।   2.लोक सभा का सदस्‍य होने के लि‍ए कि‍सी व्‍यक्‍ति ‍को भारत का नागरि‍क होना चाहि‍ए तथा 25 वर्ष से कम आयु का नहीं होना चाहि‍ए तथा अन्‍य ऐसी अर्हताएँ…

एनजीटी ने कहा गंगाजल इस्तेमाल योग्य नहीं : रिपोर्ट आदर्श कुमार की

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने शुक्रवार को गंगा नदी की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हरिद्वार से उत्तर प्रदेश के उन्नाव शहर के बीच गंगा का जल पीने और नहाने योग्य नहीं है. एनजीटी ने कहा, ‘मासूम लोग श्रद्धा और सम्मान से गंगा का जल पीते हैं और इसमें नहाते हैं. उन्हें नहीं पता कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है.अगर सिगरेट के पैकेटों पर यह चेतावनी लिखी हो सकती है कि यह ‘स्वास्थ्य के लिए घातक’ है, तो लोगों को (नदी के जल के)…

क्या होता है संसद सत्र ? शुरू होने जा रहा है मानसून सत्र इसको भी समझ लें .

संसद (पार्लियामेंट) भारत का सर्वोच्च विधायी निकाय है। यह द्विसदनीय व्यवस्था है। भारतीय संसद में राष्ट्रपति तथा दो सदन- लोकसभा (लोगों का सदन) एवं राज्यसभा (राज्यों की परिषद) होते हैं। राष्ट्रपति के पास संसद के दोनों में से किसी भी सदन को बुलाने या स्थगित करने अथवा लोकसभा को भंग करने की शक्ति है। भारतीय संसद का संचालन ‘संसद भवन‘ में होता है। जो कि नई दिल्ली में स्थित है। लोक सभा प्रत्‍येक आम चुनाव के बाद चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने पर गठित होती है। लोक सभा की पहली बैठक शपथ विधि के साथ शुरू होती है। इसके नव निर्वाचित…

दुःखद !!महाराष्ट्र: सिर्फ 3 महीनों में 639 अन्नदाताओं ने की आत्महत्या, प्रतिदिन मरते हैं 7 किसान

एक तरफ सरकारें कर्जमाफी कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ किसान आत्महत्या कर रहा है। क्या यह बात सरकार को समझ में नहीं आती है कि कर्जमाफी किसानों के असली समस्याओं का समाधान नहीं है? अगर कर्जमाफी किसानों की समस्याओं का वाजिब समाधान होता  तो किसान अत्महत्या क्यों करता? इससे साबित होता है कि कर्जमाफी किसानों के समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि कर्जमाफी किसानों के लिए और ज्यादा मुसीबत है।   मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में मार्च से मई के बीच तीन महीने में 639 किसानों ने आत्महत्या की…