बरेली/आंवला। आंवला में निषाद पार्टी के पदाधिकारियों ने सोमवार दोपहर तीन बजे निषाद वंश की उपजातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की। उन्होंने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि अंग्रेजों के ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1971’ के तहत कुछ जातियों को जन्मजात अपराधी घोषित किया गया था। भारत सरकार ने इस कानून को निरस्त कर इन जातियों को ‘विमुक्त जनजाति’ घोषित किया, जिसके बाद से ‘विमुक्त दिवस’ मनाया जाता है।
पदाधिकारियों ने कहा कि जनगणना के अनुसार, ये सभी एक ही वंश की पर्यायवाची जातियां हैं। वर्तमान में, एक ही वंश की जाति को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग आरक्षण प्राप्त है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा गया है। उनकी मुख्य मांगों में जनगणना में सभी पर्यायवाची जातियों के नाम ‘मझवार’ कॉलम में दर्ज करना और उन्हें अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने नौकरी, शिक्षा और राजनीति में आरक्षण के साथ-साथ पेंशन की सुविधा देने की भी मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि निषाद वंश के शहीद हुए लोगों के गांवों को ‘आदर्श शहीद गांव’ घोषित किया जाए।
इस प्रदर्शन के दौरान निषाद पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद, योगेश कश्यप, हेमराज कश्यप, शिवकुमार और नरेंद्र पाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
बरेली:आंवला में प्रदर्शन कर निषाद उपजातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।
