जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पर उप जिलाधिकारी सहावर संहित 12 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से रोका वेतन
कासगंज, 26 अगस्त 2026।
जिलाधिकारी कासगंज द्वारा जनपद में आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान प्रकरणों के निस्तारण में अपेक्षित गुणवत्ता एवं संतोषजनक कार्यवाही न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी है।
जिलाधिकारी द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है तथा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यों पर आधारित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता को मात्र औपचारिक अथवा सतही उत्तर देकर प्रकरण का निस्तारण किया जाना स्वीकार्य नहीं है।
समीक्षा के दौरान आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में अपेक्षित गुणवत्ता एवं संतोषजनक कार्यवाही न पाए जाने पर उप जिलाधिकारी सहावर सहित कुल 12 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए हैं।
वेतन रोके जाने वाले अधिकारियों में उप निदेशक कृषि, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डिप्टी आरएमओ कासगंज, चकबंदी अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक कासगंज, पूर्ति निरीक्षक पटियाली, जिला पंचायत राज अधिकारी कासगंज, तहसीलदार पटियाली तथा अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, औपचारिकता अथवा खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति का स्थलीय/अभिलेखीय परीक्षण कराते हुए स्पष्ट, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण आख्या के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी एवं संतोषजनक निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध वेतन रोकने सहित अन्य कठोर विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित आईजीआरएस प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे जनसामान्य की शिकायतों का प्रभावी समाधान हो सके।
