फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24न्यूज) 09 सितंबर 2026 जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में गंगा नदी के वर्तमान स्वरूप और बाढ़ के प्रभाव को कम करने के उपायों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नदी के प्रवाह, कटान, तटों की संवेदनशीलता तथा बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी एवं वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर राजीव सिन्हा ने गंगा नदी की वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने गंगा नदी के प्रकार, कटान की प्रकृति, तटों की संवेदनशीलता और बाढ़ के दौरान नदी के व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की जानकारी अधिकारियों के सामने रखी।
ड्रेजिंग और चैनल सुधार की संभावनाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान गंगा नदी में ड्रेजिंग और चैनल सुधार की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन किया गया। कानपुर से पहुंची इंजीनियर्स की टीम ने नदी के प्रवाह को सुचारू बनाने तथा बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए संभावित तकनीकी विकल्पों पर प्रस्तुतीकरण दिया।
विशेषज्ञों ने नदी की मुख्य धारा, घुमाव और नदी के बीच बने टापुओं की स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदी की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए तकनीकी अध्ययन और विस्तृत सर्वेक्षण आवश्यक है। इसके आधार पर बाढ़ और नदी कटान की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सकती है।
वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तैयार होगी कार्ययोजना
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बैठक में विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों पर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक तकनीकी अध्ययन एवं सर्वेक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी के प्रवाह, कटान और बाढ़ की समस्या का वैज्ञानिक समाधान तलाशने के लिए विशेषज्ञों के सुझावों को आधार बनाकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने नदी की वर्तमान स्थिति का समुचित आंकलन कर भविष्य में बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए ठोस एवं तकनीकी उपाय किए जाने पर जोर दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अरुण कुमार सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के.पी. पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु:
गंगा नदी के वर्तमान स्वरूप का वैज्ञानिक अध्ययन कराने पर जोर
ड्रेजिंग और चैनल सुधार की संभावनाओं पर चर्चा
नदी के घुमाव, टापुओं और मुख्य धारा का सर्वेक्षण कराने का सुझाव
बाढ़ एवं कटान के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
आईआईटी कानपुर और इंजीनियर्स टीम ने दिए तकनीकी सुझाव
