फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24न्यूज) 09 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 3 सितंबर 2026 को फर्रुखाबाद आगमन के दौरान एक महिला ने थाना जहानगंज पुलिस पर अपने परिवार को कथित रूप से हाउस अरेस्ट करने, मारपीट करने, मोबाइल फोन छीनने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम कोरीखेड़ा पोस्ट मूसाखिरिया निवासी पूनम गुप्ता पत्नी चन्द्र प्रकाश गुप्ता ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनके 10 वर्षीय पुत्र आशुतोष गुप्ता की करीब नौ माह पूर्व अपहरण के चार दिन बाद हत्या कर दी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते परिवार लगातार न्याय के लिए प्रयासरत है।
शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री के फर्रुखाबाद आगमन से पहले थाना जहानगंज की प्रभारी निरीक्षक पूनम अवस्थी और पुलिसकर्मियों ने परिवार के सदस्यों को सुबह करीब 6:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक उनके घर में ही कथित रूप से नजरबंद कर दिया, ताकि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात न कर सकें।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपनी पुत्री अंशिका के साथ बाहर जाने का प्रयास कर रही थीं, तभी थाना प्रभारी पूनम अवस्थी तथा पुलिसकर्मियों अनुज प्रताप सिंह और सोनू सिंह ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान परिवार के सदस्य आदेश गुप्ता और अवधेश गुप्ता मोबाइल फोन से घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो बनाए जाने पर थाना प्रभारी ने आदेश गुप्ता से मोबाइल लेने का प्रयास किया। विरोध करने पर आदेश गुप्ता की मां सुनीता देवी के साथ कथित रूप से मारपीट की गई और उनके बाल पकड़कर फर्श पर पटक दिया गया। वहीं, अवधेश गुप्ता का मोबाइल सिपाही सोनू सिंह द्वारा कथित रूप से छीन लिया गया।
पीड़िता के मुताबिक, मोबाइल छीने जाने के दौरान अवधेश गुप्ता के बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली में चोट आई। आरोप है कि दोनों मोबाइल फोन कई घंटे बाद वापस किए गए और उनका निजी डाटा भी कथित रूप से डिलीट कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी पर परिवार को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पूनम गुप्ता ने डीआईजी से मांग की है कि कथित हाउस अरेस्ट, मारपीट, मोबाइल छीनने और धमकी देने के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनके पुत्र आशुतोष गुप्ता हत्याकांड की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराकर परिवार को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।
पुलिस का पक्ष: इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित हैं।
