फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 जुलाई 2026 जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संबंधित प्रतिभागियों ने भाग लेकर नए नियमों और उनके प्रभावी पालन की जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का उद्देश्य स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने नागरिकों से घर-घर कचरे का पृथक्करण करने, सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग से बचने और वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट प्रबंधन अपनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का कचरा खुले में न फेंका जाए, न जलाया जाए और न ही नालियों या जलाशयों में डाला जाए।
कार्यशाला का संचालन करते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर नगर के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रबंधन, सुरक्षित परिवहन और निस्तारण की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही नगर निकायों को गीले, सूखे, घरेलू सैनिटरी और विशेष अपशिष्ट के लिए अलग-अलग रंगों वाले कंपार्टमेंट विकसित करने तथा मिश्रित कचरे के परिवहन से बचने की सलाह दी।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि बड़े अपशिष्ट उत्पादकों को अपने कचरे का प्रबंधन एवं प्रसंस्करण स्वयं करना होगा। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और अन्य संबंधित संस्थाओं को केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर नियमित रिपोर्टिंग करनी होगी, जिससे अपशिष्ट के उत्पादन से लेकर अंतिम निस्तारण तक डिजिटल ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन का मानना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और कचरा प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक एवं पारदर्शी बन सकेगा।
