केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उत्तर-दक्षिण राज्यों वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर दक्षिण भारतीय राज्यों की अनदेखी करने और उत्तर भारत को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया था। रिजिजू ने कहा कि देश को उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि सभी भारतीय एक हैं।
बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री उत्तर भारत से हैं और राष्ट्रपति भी उत्तर भारत से हैं, जिससे दक्षिण भारत को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारतीय राज्य अपने कर राजस्व का बड़ा हिस्सा देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिलता। साथ ही उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के लोग ‘दूसरे दर्जे के नागरिक’ बनकर नहीं रहना चाहते।
रेवंत रेड्डी के दावों का जवाब देते हुए रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति पूर्वी भारत के ओडिशा से आने वाली एक आदिवासी महिला हैं, प्रधानमंत्री पश्चिम भारत के गुजरात से हैं और उपराष्ट्रपति दक्षिण भारत के तमिलनाडु से हैं। उन्होंने कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि देश के शीर्ष पदों पर केवल उत्तर भारत के लोगों का कब्जा है।
