Friday, 30 October 2026 | 9:20 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष कानूनी जागरूकता अभियान शुरू, बच्चों को कानूनी अधिकारों के प्रति किया जा रहा जागरूक

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 फर्रुखाबाद में पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष कानूनी जागरूकता अभियान शुरू, बच्चों को कानूनी अधिकारों के प्रति किया जा रहा जागरूक
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA), लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद श्री नीरज कुमार महोदय के मार्गदर्शन एवं अनुमोदन के बाद जिले में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत एक विशेष राज्यव्यापी विधिक जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। यह संपूर्ण अभियान श्री संजय कुमार VI (अपर जिला जज/नोडल अधिकारी) एवं श्रीमती बिदिया भटनागर (सचिव, DLSA फर्रुखाबाद) के कुशल संयोजन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्राधिकरण कार्यालय के कर्मचारीगण एवं पराविधिक स्वयंसेवक (PLVs) भी निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
इस अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत 25 सितंबर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक जनपद के विद्वान न्यायिक अधिकारियों द्वारा विभिन्न विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के समय प्रातः 07:30 बजे उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों, कानूनी परिणामों एवं बाल अधिकार सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
निर्धारित रोस्टर के अनुसार दिनांक 28.09.2026 को प्रातः 07:30 बजे श्रीमती बिदिया भटनागर, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मदन मोहन कनौजिया बालिका इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद में आयोजित शिविर में 303 छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। अपर सिविल जज (जू.डि.) द्वारा जनता राष्ट्रीय इण्टर कॉलेज, फतेहगढ़ में विशेष जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें कुल 402 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। तथा सुश्री श्वेता कश्यप, अपर सिविल जज (जू.डि.) द्वारा फर्रुखाबाद सिटी गर्ल्स इण्टर कॉलेज में आयोजित शिविर में 394 छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्हें बाल सुरक्षा कानूनों से अवगत कराया गया।
शिविरों के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा मुख्य रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि कानून की नज़र में 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति बच्चा (नाबालिग) है। 18 वर्ष से कम उम्र में दी गई सहमति या 'हां' का कानून में कोई मूल्य नहीं है तथा प्यार, आपसी सहमति या शादी का वादा कानून में कोई बचाव प्रदान नहीं करता है। नाबालिग को साथ ले जाना या विवाह करना पॉक्सो व बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत अक्षम्य व गंभीर अपराध है, जिसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के तहत बाल अपराध की जानकारी होने पर सूचना देना अनिवार्य है और सूचना देने वाले एवं पीड़ित बच्चे की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। किसी भी आपात स्थिति या निःशुल्क विधिक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्डलाइन), 112 (पुलिस) एवं 15100 (लीगल हेल्पलाइन) पर तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है।