लखीमपुर खीरी: ओयल बेहजम रोड स्थित मिनी ट्रामा सेंटर हड्डी के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। यहां शरीर की किसी भी हड्डी के टूटने या अन्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों का अत्याधुनिक और बेहतर इलाज किया जा रहा है। बीते एक माह के भीतर इस केंद्र पर छोटे-बड़े करीब 25 सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जबकि 767 से अधिक मरीजों ने यहां स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया है। शासन की मंसा के अनुरूप ट्रामा सेंटर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को लगातार उत्कृष्ट और समर्पित सेवाएं दे रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि ट्रामा सेंटर में कई ऐसे जटिल मामले सामने आए हैं, जिनका सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। पिपराछींट खीरी निवासी 3 वर्षीय मासूम सूर्यांश का पैर एक माह पहले चोट लगने के कारण टूट गया था। परिजनों द्वारा किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने पर उसका पैर गलत तरीके से जुड़ गया था, जिससे लगातार समस्या बनी हुई थी। ट्रामा सेंटर पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसका दोबारा सफल ऑपरेशन किया, जिससे अब बच्चा तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
इसी प्रकार जनपद सीतापुर के सलारपुर गांव निवासी 55 वर्षीय गुड्डी बानो के पैर के पंजे की टूटी हुई उंगली का 28 अक्टूबर को सफल इलाज हुआ। इसके अलावा पसगवां के 28 वर्षीय दीपक और सड़क हादसे में पैर का फ्रैक्चर झेलने वाले रामपुर निवासी 55 वर्षीय रितेश का भी सफल ऑपरेशन किया गया। मिनी ट्रामा सेंटर के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. हरिराम वर्मा, डॉ. फैसल अहमद, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. शशांक मोहन, एनेस्थेटिक डॉ. जयराम, ईएमओ डॉ. अमन अंसारी और डॉ. एसपी सिंह की कुशल टीम द्वारा इन सभी जटिल मामलों का सफल उपचार किया गया है। पिछले एक महीने में 25 छोटे-बड़े ऑपरेशनों के साथ आईपीड़ी (IPD) में कुल 28 मरीज भर्ती हुए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह ट्रामा सेंटर जनपद के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरा है।