Friday, 30 October 2026 | 4:50 PM
उत्तर प्रदेश

कासगंज : सिढपुरा और पटियाली मै शिकायत करने पर लखनऊ के आयुक्त ग्रामविकास लखनऊ के द्वारा किया गया सत्यापन

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कासगंज : सिढपुरा और पटियाली मै शिकायत करने पर लखनऊ के आयुक्त ग्रामविकास लखनऊ के द्वारा किया गया सत्यापन
कासगंज ः #कासगंज योगी सरकार की भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के दावों के बीच जनपद कासगंज के पटियाली और सिढ़पुरा ब्लॉक से विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान धरातल पर बिना कोई काम किए ही कागजों में सरकारी बजट का भारी भुगतान करा लिया गया। केंद्र और शासन स्तर से हुई गहन जांच के बाद अब दोषियों के खिलाफ सख्त रिकवरी और प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

लखनऊ से गठित जांच टीम ने खोली पोल।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटियाली क्षेत्र के एक निवासी द्वारा केंद्र सरकार के पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज कराई गई थी कि ग्राम पंचायतों में बिना निर्माण कार्य कराए सरकारी धनराशि का आहरण कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन और आयुक्त ग्राम विकास, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) के निर्देश पर विशेष जांच समितियों का गठन किया गया।
जांच अधिकारियों द्वारा जब मौके पर जाकर भौतिक और स्थलीय सत्यापन किया गया, तो शिकायतें पूर्णतः सही पाई गईं। कई स्थानों पर मौके पर कोई निर्माण कार्य हुआ ही नहीं था, जबकि फाइलों में पूरा भुगतान दर्शाया जा चुका था।

सिढ़पुरा ब्लॉक के बाजिदपुर इंटर कॉलेज में 9.33 लाख का फर्जी भुगतान।

संलग्न शासकीय दस्तावेजों के अनुसार, विकास खंड सिढ़पुरा की ग्राम पंचायत बाजिदपुर में ट्रांसफार्मर से सुनील जाटव के खोखा तक इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण के नाम पर ₹9,33,000 (नौ लाख तैंतीस हजार रुपये) की धनराशि गलत तरीके से निकाले जाने का मामला सामने आया। स्थलीय जांच में यह कार्य पूरी तरह फर्जी पाया गया। इस मामले में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (गजबुंडवारा/अतिरिक्त प्रभार सिढ़पुरा) महेंद्र पाल सिंह, तत्कालीन लेखाकार/आकसिक राजकुमार और तत्कालीन अवर अभियंता (लघु सिंचाई) अमर सिंह को दोषी पाया गया है तथा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

पटियाली ब्लॉक की दो दर्जन पंचायतों में भी खेल।

पटियाली क्षेत्र की लगभग दो दर्जन ग्राम पंचायतों में भी मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत भारी अनियमितता पाई गई। जांच समिति (जिसमें जिला कृषि अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता आदि शामिल रहे) द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर निम्नलिखित प्रमुख रिकवरी तय की गई हैं।

ग्राम मझोला: फौजी के घर से पाठशाला तक नाला निर्माण कार्य में मौके पर कार्य न कराए जाने के कारण ₹30,484.12 की रिकवरी।
कनेशर नगला ड्लू: सुतिया तालाब तक नाला निर्माण एवं इंटरलॉकिंग कार्य में सामग्री स्थल पर न मिलने पर क्रमशः ₹1,25,213.69 और ₹28,193.58 की रिकवरी।
थाना दरियागंज: सहसाबगंज भीती तक सड़क व इंटरलॉकिंग कार्य में मानक से अधिक भुगतान पाए जाने पर ₹1,05,152.84 की वित्तीय क्षति की वसूली।

मजराजाट पटियाली (नगला खिन्नी): अंबेडकर पार्क की बाउंड्रीवाल निर्माण के नाम पर ₹1,47,392.86 का फर्जी भुगतान। शाहपुर नगरिया (सहापुर): अतर पाल के घर से स्कूल तक नाली निर्माण कार्य में ₹2,27,232.77 की धनराशि का गबन।

रातों-रात कार्य पूरा कराने की मची होड़।

जांच रिपोर्ट आने और रिकवरी के कड़े आदेश जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों, ग्राम प्रधानों और सचिवों में हड़कंप मच गया है। चर्चा है कि अपनी गर्दन बचाने और भौतिक जांच से बचने के लिए अब वर्षों पुराने पेंडिंग कार्यों को रातों-रात आनन-फानन में पूरा कराया जा रहा है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट तंत्र में खौफ का माहौल है।