फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) जल जीवन मिशन के फेज-2 एवं फेज-3 के अंतर्गत जनपद में निर्माणाधीन, संचालित एवं अनुश्रवित पाइप पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका जनपद स्तरीय अधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण एवं गुणवत्ता सत्यापन कराया जाए।
सत्यापन के दौरान पाइपलाइन, पेयजल आपूर्ति, ओवरहेड टैंक, पंप हाउस तथा अन्य निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता का विशेष रूप से परीक्षण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वाकांक्षी योजना है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पूर्ण परियोजनाओं से जुड़े ग्रामों में नियमित एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने तथा तकनीकी समस्या या पाइपलाइन लीकेज की शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) श्री एम.क्यू. हाशमी ने बताया कि जनपद फर्रुखाबाद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 378 परियोजनाएं लक्षित हैं, जिनके माध्यम से 718 राजस्व ग्रामों को पाइप पेयजल आपूर्ति से संतृप्त किया जाना है। फेज-2 के लिए मैसर्स जीवीपीआर तथा फेज-3 के लिए मैसर्स वीटीएल गजा को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। वर्तमान में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 150 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने शेष परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो और निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही परियोजनाओं की भौतिक प्रगति के साथ वास्तविक पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने निर्देशित किया कि पूर्ण परियोजनाओं के हस्तांतरण से पहले सभी तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएं। ग्राम पंचायतों एवं संबंधित विभागीय कार्मिकों को योजनाओं के संचालन और रखरखाव की आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजनाएं लंबे समय तक सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक लक्षित राजस्व ग्राम तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
