अर्श से फर्श तक पहुंचा रायबहादुर कन्हैयालाल का कायस्थ परिवार, कभी थी जमींदारी की धाक, आज पुश्तैनी विरासत बचाने की जंग
मैनपुरी के रायबहादुर कन्हैयालाल का कायस्थ परिवार कभी जमींदारी और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए प्रसिद्ध था। ब्रिटिश शासन में रायबहादुर की उपाधि पाने वाले इस परिवार का राजा सकीट से भी पारिवारिक संबंध बताया जाता है। बदलते समय के साथ जमींदारी का प्रभाव समाप्त हुआ और अब परिवार अपनी करोड़ों की पुश्तैनी संपत्तियों तथा ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।