Friday, 30 October 2026 | 4:49 PM
संपादकीय

आज का राशिफल: नागरिक का भाग्य आज भी किसी और की मेज़ पर है!

अगर आज अख़बार की जगह राशिफल पढ़ा जाए, तो देश की असली तस्वीर कैसी दिखाई देगी? मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयोग, किसान, दिल्ली, सर्वोच्च न्यायालय, इसरो और आम नागरिक की अलग-अलग राशियों के बहाने यह व्यंग्य भारतीय लोकतंत्र की मौजूदा विडंबनाओं पर सवाल उठाता है। तेरह करोड़ मतदाताओं के नामों का विवाद, किसानों की आर्थिक चुनौतियाँ, प्रदूषण, सुरक्षा व्यवस्था और संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दों को व्यंग्यात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत करता यह लेख अंततः एक बुनियादी सवाल पूछता है—क्या नागरिक अपना भाग्य दूसरों के भरोसे छोड़ देगा या अपने अधिकारों के लिए जागरूक होगा?
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आज का राशिफल: नागरिक का भाग्य आज भी किसी और की मेज़ पर है!
Political Horoscope_ Citizens’ Fate
आज शुक्रवार है, और मैंने सोचा आज अख़बार की जगह राशिफल पढ़ाऊँ। बस राशियाँ थोड़ी अलग हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त। आज आपके लिए दिन मिला-जुला है। सुबह कांग्रेस अध्यक्ष के घर पर आपका "जन महाभियोग" होगा, जिसकी अध्यक्षता एक पूर्व लोकसभा अध्यक्ष करेंगे। चिंता न करें, यह प्रतीकात्मक है, असली महाभियोग के लिए संसद चाहिए और संसद में संख्या चाहिए, जो विपक्ष के पास नहीं है। यानी आज आपको वह मिलेगा जो आपने नागरिकों को पूरे साल दिया है, एक ऐसी प्रक्रिया जिसका कोई नतीजा नहीं। कर्म लौटता है, बस थोड़ा प्रतीकात्मक होकर। निर्वाचन आयोग। आपने कल अदालत से कहा था "विचार करेंगे," और आज छह राज्यों में तारीख़ बढ़ा दी। बधाई, आपने चौबीस घंटे में विचार पूरा कर लिया। तेरह करोड़ नाम काटने में महीने लगे थे, लौटाने की तारीख़ बढ़ाने में एक दिन। आपकी गति नीयत पर निर्भर है, घड़ी पर नहीं। सॉफ़्टवेयर का नाम अब भी ट्रेड सीक्रेट रहेगा, ग्रह अनुकूल नहीं हैं। किसान। आज आपके खाते में दो हज़ार रुपये आएँगे। चौबीसवीं किस्त, नौ करोड़ चौंतीस लाख किसानों को, अठारह हज़ार छह सौ अस्सी करोड़ रुपये, बनासकांठा से, सुबह दस बजे, कैमरे के सामने। दो हज़ार रुपये चार महीने के लिए, यानी साढ़े सोलह रुपये रोज़। इतने में आज एक किलो प्याज़ नहीं आता, जिसकी महँगाई एक सौ आठ प्रतिशत है। और आज का ही अख़बार कहता है कि "सुपर अल नीनो" आने वाला है, जिससे महँगाई और बढ़ेगी। यानी किस्त आपके खाते में आई, और मौसम उसे लेने पीछे-पीछे आ रहा है। दिल्ली। एक नवंबर की रैली के लिए तीन हज़ार पाँच सौ पुलिसकर्मी और दो सौ से ज़्यादा कैमरे तैनात होंगे। और पहले से दो सौ तिहत्तर अर्धसैनिक कंपनियाँ हैं ही। राजधानी में इस समय प्रति नागरिक सुरक्षा उस स्तर पर है जो आम तौर पर या तो बहुत प्यारे लोगों को मिलती है या बहुत ख़तरनाक लोगों को। आप तय कर लीजिए कि आप कौन हैं। हवा वैसी ही रहेगी, सत्तर प्रतिशत ज़हर। सुरक्षा बढ़ी है, साँस नहीं। सर्वोच्च न्यायालय। आज आपने पटाखों पर सख़्ती दिखाई है। बहुत अच्छा। जिस हफ़्ते आपने आयोग से "आग्रह" किया, उसी हफ़्ते आपने पटाखों को "चेतावनी" दी। नागरिक नोट कर रहा है कि कौन सुनता है और कौन नहीं। पटाखे शायद सुन लें। इसरो। आज आप NVS-03 उपग्रह छोड़ेंगे, जिसका सिग्नल स्मार्टवॉच तक पहुँचेगा। देश को आसमान से यह बताने में हमें कोई दिक्क़त नहीं है कि कौन कहाँ खड़ा है। ज़मीन पर यह बताने में दिक्क़त है कि कौन सूची में है। उपग्रह का सॉफ़्टवेयर सार्वजनिक है, मतदाता-सूची का नहीं। आसमान पारदर्शी है, ज़मीन ट्रेड सीक्रेट। नागपुर के स्नातक। आपने परिषद चुनाव में भाजपा को हरा दिया और अब महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। आपका दिन अच्छा है। आपने एक सीट नहीं, एक झगड़ा जिताया है, और लोकतंत्र में झगड़ा सीट से ज़्यादा उपयोगी होता है। इज़राइल के मतदाता। नेतन्याहू की लिकुड को सबसे ज़्यादा वोट मिले, पर बहुमत अभी तय नहीं। यानी वहाँ एग्ज़िट पोल ग़लत निकले। आपके देश में एग्ज़िट पोल भी ग़लत हो सकते हैं और नतीजे भी अनिश्चित। आप बहुत भाग्यशाली हैं, आपको अनिश्चितता मिली है। हमारे यहाँ निश्चितता है, सर्वसम्मति से। और अंत में, आपका राशिफल। नागरिक। आज आपके खाते में शायद दो हज़ार आएँ, या न आएँ। आज आपका नाम सूची में लौटे, या न लौटे। आज आपके शहर की हवा में साँस आए, या न आए। आप पर आज कैमरा ज़रूर रहेगा, और सुरक्षा भी। आपके भाग्य में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि आपका भाग्य आज किसी और की मेज़ पर है। ग्रह कहते हैं कि यह स्थिति तब तक रहेगी जब तक आप सिर्फ़ राशिफल पढ़ते रहेंगे और अख़बार नहीं। यह व्यंग्य था। अब दो पंक्तियाँ, जो नहीं हैं। एक लोकतंत्र में सबसे ख़तरनाक चीज़ नागरिक का यह मान लेना है कि उसका भाग्य कहीं और लिखा जाता है। भाग्य वह नहीं जो ग्रह लिखते हैं, भाग्य वह है जो पुरुषार्थ लिखता है। और बाबासाहेब ने कहा था कि अधिकार माँगे नहीं जाते, छीने जाते हैं, और जो नहीं छीनता, वह दान की प्रतीक्षा करता रह जाता है। आज आपकी राशि क्या कहती है? और आप उसे मानने वाले हैं, या बदलने वाले?