गया जिले में आगामी 15 नवंबर 2026 से प्रारंभ होने वाली धान अधिप्राप्ति की तैयारियों को लेकर आज जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने धान अधिप्राप्ति कार्य को पारदर्शी, सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी पैक्स का रैंडम आधार पर अनिवार्य रूप से सत्यापन कराया जाए। साथ ही सभी पैक्स गोदामों का भौतिक सत्यापन अविलंब सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो सकें।
जिला पदाधिकारी ने राइस मिलों के सत्यापन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी राइस मिलरों का निबंधन तेजी से पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पैक्स एवं राइस मिलों के बीच टैगिंग की प्रक्रिया पूरी सावधानी एवं व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाए, ताकि धान अधिप्राप्ति एवं उसके प्रसंस्करण में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 2209 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी ने शेष इच्छुक किसानों का निबंधन तेजी से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देशित किया कि किसान सलाहकारों को लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में भेजकर किसानों को धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया के संबंध में जागरूक करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक गांव में किसान चौपाल आयोजित कर किसानों को निबंधन, धान बिक्री एवं अधिप्राप्ति से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
गोदामों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी ने सभी गोदामों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा प्रत्येक गोदाम के समीप धर्मकांटा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धर्मकांटों की जांच माप-तौल पदाधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से की जाएगी तथा इसका सत्यापित प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही धान अधिप्राप्ति कार्य में प्रयुक्त होने वाले सभी वाहनों को जीपीएस युक्त रखने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों के साथ प्रत्येक सप्ताह धान अधिप्राप्ति से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित करें तथा तैयारियों एवं कार्यों की नियमित निगरानी करें।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं किसान हितैषी होनी चाहिए। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर धान क्रय करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने तथा 15 नवंबर 2026 से धान अधिप्राप्ति का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ कराने का निर्देश दिया।