कन्नौज:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 अप्रैल 2026 छिबरामऊ क्षेत्र में लगाए गए स्मार्ट मीटरों में आ रही लगातार गड़बड़ियों और विद्युत विभाग की कार्यशैली से नाराज भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने अब खुलकर विरोध का बिगुल फूंक दिया है। यूनियन के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला के नेतृत्व में किसानों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने स्मार्ट मीटर और बिजली आपूर्ति से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को उजागर किया। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत की रीडिंग में पुराने मीटरों की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत तक की अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
इसके अलावा, किसानों ने बताया कि रिचार्ज कराने के बावजूद कई-कई घंटों तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं होती, जिससे छात्रों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है और मोबाइल ऐप पर भी गलत जानकारी प्रदर्शित होती है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन ने यह भी मुद्दा उठाया कि अधिकांश उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बैलेंस कटने की प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं है। वहीं, ग्राम सराय सुंदर में चार महीने पहले निजी नलकूप से चोरी हुए ट्रांसफार्मर को अब तक नहीं बदला गया है, जिससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था बाधित हो रही है।
भाकियू (किसान) की प्रमुख मांगें:
विवादित मीटरों की जांच के लिए ‘चेक मीटर’ लगाए जाएं
सर्वर और नेटवर्क संबंधी समस्याओं को तत्काल ठीक किया जाए
उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं
बकाया बिजली बिल की जानकारी एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से दी जाए
अग्रिम भुगतान (प्रीपेड सिस्टम) की अनिवार्यता समाप्त की जाए
जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन किसानों और उपभोक्ताओं के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी जन-आक्रोश की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग छिबरामऊ की होगी।
इस दौरान गणेश दुबे, आनंद तिवारी, पुनीत दुबे, अभिषेक पाठक, नीरज कुमार, गोपाल पाठक, अमन मिश्रा, अमित दुबे, राहुल दुबे, अभिषेक चतुर्वेदी, दिलीप कश्यप, बंटी दीक्षित, तरुण त्रिपाठी, दीवान सिंह, शिशुपाल सिंह, अनिल नायक, संतोष दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
