कन्नौज:भव्य शोभायात्रा के साथ मनाई गई सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती, बुद्ध वंदना और काव्य गोष्ठी ने बांधा समां

कन्नौज:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 मार्च 2026 छिबरामऊ क्षेत्र में देवानाम प्रियदर्शी चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की 2330वीं जन्म जयंती बड़े ही धूमधाम और ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन कवि एवं पर्यावरण प्रहरी हरिगोविंद शाक्य ‘हरि’ के संरक्षण में, ग्राम पंचायत रतनपुर के प्रधान हुकुम सिंह शाक्य की अध्यक्षता तथा सलेमपुर/रायपुर के प्रधान शैलेंद्र शाक्य की उपाध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में सिकंदरपुर तथागत बौद्ध कमेटी एवं रायपुर बौद्ध कमेटी का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत 50 से 60 गांवों में जनसंपर्क एवं अथक मेहनत के बाद एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना दिया। बी.एस.एस. इंटर कॉलेज, सिकंदरपुर मैदान से शोभायात्रा की शुरुआत सलेमपुर बुद्ध विहार के भंते द्वारा पंचशील ध्वज फहराकर की गई।

शोभायात्रा में हजारों की संख्या में दुपहिया और चौपहिया वाहन शामिल हुए, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे। यात्रा के दौरान जगह-जगह पंडालों में जलपान की व्यवस्था के साथ फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। सिकंदरपुर नगर पंचायत अध्यक्ष ठाकुर हरिहर सिंह ने भी शोभायात्रा का स्वागत कर जलपान कराया।

यात्रा की विशेष आकर्षण गौतम बुद्ध की मूर्ति और सम्राट अशोक की जीवंत झांकी रही, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मार्ग में “बुद्धं शरणं गच्छामि”, “सम्राट अशोक अमर रहें”, “बाबा साहब अमर रहें” जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

सलेमपुर बुद्ध विहार पहुंचकर बुद्ध वंदना के बाद केक काटकर जयंती मनाई गई। वहीं अकबरपुर में शिवम शाक्य द्वारा खीर का प्रसाद वितरित किया गया। छिबरामऊ में विधायक श्रीमती अर्चना पांडे, पूर्व विधायक अरविंद यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज दुबे और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

शोभायात्रा का समापन बड़ेपुर बुद्ध विहार में हुआ, जहां भंते एवं रमेश बाबू बौद्ध द्वारा बुद्ध वंदना कराई गई। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों का फूल-मालाओं से सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम के अंत में एक भव्य काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद प्रोफेसर डॉ. राम बक्स सिंह वर्मा ने की। कवि हरिगोविंद शाक्य ‘हरि’ ने बुद्ध वंदना के पश्चात सम्राट अशोक पर काव्य पाठ कर खूब वाहवाही बटोरी। इसके बाद कवि रूपलाल रूप, डॉ. नरेंद्र संगम और अन्य विद्वानों ने अपने विचारों से श्रोताओं को प्रभावित किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर वर्मा ने सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस ऐतिहासिक बुद्ध यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौतम बुद्ध के बताए करुणा, मैत्री, शांति, भाईचारा, मध्यम मार्ग और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। आयोजकों ने कहा कि आज के वैश्विक तनाव और संघर्ष के दौर में बुद्ध के ये विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।