फर्रुखाबाद:हजारों ग्रामीणों ने लगाया प्रशासन पर अनदेखी का आरोप, पक्का नाला, स्वच्छ पेयजल और बाढ़ के स्थायी समाधान की मांग; 2 सितंबर को बड़े आंदोलन की तैयारी

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 अगस्त 2026 न्याय पंचायत रामपुर ढपरपुर के अंतर्गत आने वाले रामपुर ढपरपुर समेत आसपास के कई गांवों में जलभराव, गंदे पानी और कीचड़ की समस्या ने ग्रामीणों का जीवन मुश्किल कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से दूषित पानी और जलभराव की समस्या से लोग परेशान हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। समस्या के विरोध में ग्रामीण 8 अगस्त से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि 17 अगस्त से ग्राम प्रधान नरोत्तम सिंह राजपूत समेत किसान नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार रामपुर ढपरपुर, हैबतपुर गढ़िया, बिलावलपुर, कटरी धर्मपुर, कटरी गंगपुर, कुबेरपुर घाट, आमिलपुर तथा बीसलपुर तराई सहित न्याय पंचायत के कई गांव गंदे पानी और जलभराव से प्रभावित हैं। विशेष रूप से रामपुर ढपरपुर और हैबतपुर गढ़िया की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।

हैंडपंप और नलकूपों से निकल रहा दूषित पानी

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जमीन के नीचे का पानी भी प्रदूषित हो गया है। हैंडपंप, नलकूप और समरसेबल से साफ पानी के स्थान पर गंदा पानी निकलने की शिकायत की जा रही है। इसी पानी के इस्तेमाल से लोगों में त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ-साथ डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य बीमारियां फैलने का दावा ग्रामीणों ने किया है।

ग्रामीणों के मुताबिक बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में बीमारियों से प्रभावित हैं। पशुओं में भी बीमारी फैलने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में संक्रमित रोगों से चार लोगों की मौत भी हुई है। हालांकि इन मौतों और बीमारियों के कारणों की आधिकारिक चिकित्सकीय पुष्टि होना अभी बाकी है।

एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि प्रभावित होने का दावा

ग्रामीणों का आरोप है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों का गंदा पानी पर्याप्त जलनिकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण गांवों की ओर पहुंच रहा है। इससे खेतों में कीचड़ और गंदा पानी भर गया है। ग्रामीणों के अनुसार एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि खेती के लिए प्रभावित हो चुकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से क्षेत्र में पक्का नाला नहीं बनाए जाने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। रामपुर ढपरपुर के पूर्व और पश्चिम दिशा में बड़े नालों के अलावा ठाकुरद्वारा की ओर से आने वाले नाले से भी जलभराव बढ़ने की बात कही गई है।

आप नेताओं ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सुनी समस्याएं

30 अगस्त 2026 को आम आदमी पार्टी फर्रुखाबाद के जिलाध्यक्ष इंजीनियर नीरज प्रताप शाक्य के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रामपुर ढपरपुर पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष जगतपाल सिंह, नवीन कुमार सिंह शाक्य, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सोनू कुशवाह, महामंत्री अश्वनी राजपूत, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कैप्टन श्याम पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में वालंटियर्स शामिल रहे।

आप नेताओं ने आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और वर्तमान परिस्थितियों में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने साफ पेयजल, पक्का नाला, जलभराव से मुक्ति, खेती को बचाने और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी।

बाढ़ प्रभावित गांवों के विस्थापित परिवारों का भी मुद्दा उठा

ग्रामीणों ने इस दौरान बाढ़ से प्रभावित परिवारों की समस्याएं भी उठाईं। उनके अनुसार इस वर्ष बाढ़ के दौरान पृथ्वीपुर, दिलीप की मढ़ैया, डोली की बढ़ैया और टाटा की बढ़ैया सहित कुछ गांवों में गंगा का पानी पहुंचने से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए और कई लोग अपने घरों से वंचित हो गए।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को स्थायी आवास और रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक अधिकांश परिवारों को अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के केसीसी ऋण में राहत, बिजली बिल माफ करने, पर्याप्त राशन और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।

पक्का नाला और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की मांग

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे क्षेत्र में जलनिकासी के लिए स्थायी और पक्का नाला बनाया जाए। शहर के गंदे पानी को बिना उपचार के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने से रोकने तथा सीवेज को ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शुद्ध कर निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारित करने की व्यवस्था की जाए।

इसके अलावा बरसात के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सोलर लाइट की व्यवस्था, बाढ़ का स्थायी समाधान, बेहतर अस्पताल और स्कूल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

गंदे पानी में खड़े होकर लगाए नारे

रविवार को आंदोलनरत ग्रामीणों ने गंदे पानी और कीचड़ के बीच खड़े होकर जोरदार नारेबाजी की। ग्रामीणों ने स्वच्छ पेयजल, पक्का नाला, घरों की सुरक्षा, क्षेत्र को बीमारी मुक्त बनाने, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।

आंदोलन में जयपाल सिंह राजपूत, जितेंद्र सिंह, राम रहीम राजपूत, वेदराम, महेंद्र वर्मा, भरे शाक्य, मुन्नू यादव, राजेश यादव, रामललित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।

2 सितंबर को बड़े आंदोलन की तैयारी

ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर 2 सितंबर को बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन, पर्यावरण विशेषज्ञों और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। आंदोलनकारियों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से तत्काल वार्ता कर उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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