फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 अगस्त 2025 शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जहां एक ओर आधुनिक सिग्नल लाइटें लगाई गई हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध टैम्पो अड्डों की वजह से यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। मुख्य चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी शह पर ये अवैध टैम्पो अड्डे फल-फूल रहे हैं?
लाल दरवाजा, जिसे शहर का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, वहां का हाल सबसे बदतर है। यहां से शहर के भीतर और बाहर जाने वाले हजारों लोग प्रतिदिन गुजरते हैं। लेकिन यातायात को सुगम बनाने की जगह इस क्षेत्र में अवैध टैम्पो स्टैंड बनाकर टैम्पो चालकों ने सड़कों को बंधक बना रखा है।
ट्रैफिक पुलिस की आँखों के सामने जाम का तांडव
लाल दरवाजा से ठंडी सड़क की ओर जाने वाले मार्ग पर, महिला ट्रैफिक कर्मियों और करीब आधा दर्जन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद टैम्पो चालकों ने सार्वजनिक सड़क को अपना अड्डा बना लिया है। दिनभर यहां टैम्पों की अव्यवस्थित पार्किंग और सवारी भरने की होड़ में सड़क पर जाम लगा रहता है।
बीते बुधवार को इस अराजकता ने हिंसक रूप भी ले लिया। सवारी भरने को लेकर टैम्पो चालकों में जमकर मारपीट और जूतमपैजार हुई। यह पूरी घटना बीच सड़क पर हुई जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी और यातायात प्रभारी सतेंद्र कुमार ने तत्काल पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आरोपी टैम्पो चालक मौके से फरार हो गए।
कठोर कार्यवाही का आश्वासन या मात्र दिखावा?
यातायात प्रभारी ने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से खड़े टैम्पो को हटवाया जाएगा। लेकिन स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में ही अड्डा चलता है, तो कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई?
जनहित बनाम प्रशासनिक उदासीनता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है, एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर को जाम मुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन को जल्द ही ठोस कार्रवाई करनी होगी। वरना जनता का भरोसा प्रशासन पर से उठता चला जाएगा और “स्मार्ट सिटी” की परिकल्पना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।
