नई दिल्ली:छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में संसद परिसर में धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 जुलाई 2026 नगीना लोकसभा सीट से सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है।

चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, जिसकी तस्वीरों और वीडियो ने उन्हें जलियांवाला बाग की घटना की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में नागरिकों, विशेषकर युवाओं और छात्रों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है।

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में असहमति को दबाने के लिए बल प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रों की आवाज़ को सुना जाना चाहिए, न कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जानी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में असहमति को दबाने के लिए बल प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रों की आवाज़ को सुना जाना चाहिए, न कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जानी चाहिए।”

इसी विरोध के तहत सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने संसद भवन परिसर में स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है।

चंद्रशेखर आज़ाद ने मांग की कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी छात्रों के समर्थन में बयान दिए हैं और सरकार से पूरे मामले पर जवाब मांगा है। वहीं, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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