उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगे नजर आए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “श्रीकृष्ण का जन्म अंधकार में जेल में जन्म हुआ,लेकिन उन्होंने समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया. अनेक ऐसी घटनाएं हैं.”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ, यह धर्म वही कर्तव्य है जो अन्याय के खिलाफ श्रीकृष्ण को कंस के खिलाफ और महाभारत युद्ध मे देखा.” सीएम योगी ने कहा कि, “जीवन में जब भ्रम संशय हो तो उस समय प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हर भारतवासी श्रद्धा से अनुकरण करता है.”
कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नही…” योगी ने कहा कि, “वो मूर्तियां तोड़ सकते हैं,लेकिन मूल्य नही,वो मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी सकते हैं,लेकिन मन मे बसे श्रीराम,श्रीकृष्ण को वो कभी छू भी नही पाए!” सीएम योगी ने कहा कि, “याद रखिये, सोमनाथ का मंदिर बार बार टूटा, लेकिन भारत ने उसे बार बार बनाया. अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर बार बार टूटा लेकिन आज अपनी अजेय पताका के साथ आज खड़ा है, काशी विश्वनाथ मंदिर बार बार टूटा लेकिन अहिल्याबाई होल्कर ने और आधुनिक भारत मे प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को दिव्य स्वरूप दिया.”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “जिन लोगो ने हमे मिटाने का प्रयास किया,हमारी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया,वो स्वयं इतिहास के पन्नो में मिट गए, कोई पूछने वाला नही है,हमारा भारत आज भी जीवित है,जागृत है,शास्वत रूप में अपनी यात्रा को लेकर चल रहा है..”
