फर्रूखाबाद (द दस्तक 24) -
कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक श्री अनुपम कुलश्रेष्ठ के निर्देशन एवं कानपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री यमुना प्रसाद के कुशल पर्यवेक्षण में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जहानगंज पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने वर्ष 1996 से यानी पिछले 30 सालों से फरार चल रहे मफरूर (भगोड़े) अभियुक्त रामवीर को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था 30 साल पुराना मामला?
जानकारी के अनुसार, दिनांक 01 सितंबर 1996 को जहांगीरपुर निवासी वादी मोहम्मद फयाज खाँ ने थाना जहानगंज में तहरीर दी थी कि नाहिद खाँ व अन्य दो अज्ञात लोगों ने तमंचा दिखाकर उनसे ₹10,500 नगद और एक घड़ी लूट ली थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जब विवेचना शुरू की, तो जांच के दौरान फिरोजाबाद के थाना ऐका अंतर्गत ग्राम बहवलपुर निवासी रामवीर पुत्र रामेश्वर का नाम प्रकाश में आया।
न्यायालय ने घोषित किया था मफरूर
घटना में नाम सामने आने के बाद से ही आरोपी रामवीर पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने संभावित ठिकानों से भागता रहा। बार-बार सम्मन और वारंट जारी होने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ धारा 82 व 83 द०प्र०स० के तहत कार्रवाई की और 04 नवंबर 2023 को उसे मफरूर (भगोड़ा) घोषित कर दिया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) फतेहगढ़ द्वारा 05 नवंबर 2024 को उसके खिलाफ स्थायी गैर-जमानतीय वारंट जारी किया गया था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
आदेश के अनुपालन में थाना जहानगंज पुलिस टीम के उपनिरीक्षक घनश्याम सिंह राजपूत, कांस्टेबल हीरेश गौतम, विपिन कुमार और सूरज पचौरी ने घेराबंदी कर आरोपी रामवीर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने लूट की घटना में शामिल होने तथा 30 वर्षों से पुलिस और अदालत से छिपकर रहने की बात स्वीकार की है। पुलिस द्वारा अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।