फर्रुखाबाद: हत्या मामले में चार दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा, लूट के आरोपी को 4 वर्ष का कारावास

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 जून 2026 उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में अपराधियों को कठोर दंड दिलाने के लिए की जा रही प्रभावी पैरवी का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। फतेहगढ़ पुलिस, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई है।

पहले मामले में थाना कम्पिल में वर्ष 2019 में दर्ज हत्या के मुकदमे में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

जानकारी के अनुसार, थाना कम्पिल में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 292/2019, वाद संख्या 50/2020 धारा 302/34, 323/34 एवं 504 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अभियुक्त सत्यभान पुत्र श्यामलाल, संजीव पुत्र सत्यभान, आकाश पुत्र सत्यभान तथा राजीव पुत्र सत्यभान निवासी ग्राम डठियापुर के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले में प्रभावी पैरवी के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायालय (डीजे कोर्ट) ने 10 जून 2026 को सभी चारों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।

इस मामले में डीजीसी श्री सुदेश प्रताप सिंह, एडीजीसी श्री पंकज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल सुदेश कुमार तथा पैरोकार हेड कांस्टेबल अमन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वहीं दूसरे मामले में थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र में वर्ष 2001 में दर्ज लूट के मुकदमे में आरोपी संजय सिंह पुत्र ओमप्रकाश ठाकुर निवासी भटमुर्री को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मुकदमा अपराध संख्या 270/2001, वाद संख्या 03/2002 धारा 392 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर एडीजे-03 न्यायालय ने 10 जून 2026 को आरोपी को दोषसिद्ध कर दंडित किया।

इस मामले में एडीजीसी श्री अनुज प्रताप सिंह, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह तथा पैरोकार कांस्टेबल सुमित राठी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पुलिस विभाग ने न्यायालय द्वारा सुनाए गए इन फैसलों को अपराध नियंत्रण और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

Leave a Comment