बरेली:फर्जी दस्तावेज से लोन दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 दबोचे।

*3.50 लाख कैश, 75 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार व केनरा बैंक की मुहर बरामद*

बरेली/भोजीपुरा। फर्जी दस्तावेज तैयार कर आम जनता को झांसे में लेने और बैंकों से लाखों रुपये का लोन उठाकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भोजीपुरा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने माडर्न विलेज भोजीपुरा स्थित एक आवास पर देर रात छापेमारी कर गिरोह के चार शातिर सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जब वे ठगी की रकम आपस में बांट रहे थे।पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी राम नयन गुप्ता महाराजगंज, राकेश गुप्ता भागलपुर, बिहार, अनिल गुप्ता बारादरी, बरेली और ऋषभ कुमार सक्सेना इज्जतनगर, बरेली शामिल हैं। गिरोह का एक अन्य आरोपी आमिर खाँ उर्फ यामिर खाँ इज्जतनगर फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे लोगों के आधार कार्ड का पता बदलकर उनके नए सिम और अलग-अलग बैंकों में फर्जी खाते खुलवाते थे। इसके बाद फर्जी पे-स्लिप, फार्म-16 और रेंट एग्रीमेंट तैयार कर खातों में बल्क पोस्टिंग के जरिए सैलरी ट्रांसफर करते थे। जब व्यक्ति का सिबिल स्कोर बेहतर हो जाता था, तो बैंक ऑफ बड़ौदा  और पंजाब नेशनल बैंक जैसे बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत करा लेते थे। पीड़ित ग्राहकों को यह कहकर गुमराह किया जाता था कि लोन ‘प्रधानमंत्री योजना’ के तहत मिला है। लोन राशि का एक छोटा हिस्सा ग्राहक को देकर बाकी बड़ी रकम चेक और एटीएम के माध्यम से खुद आपस में बांट लेते थे। हाल ही में इन्होंने लखीमपुर खीरी के एक व्यक्ति का 20 लाख का लोन कराकर केवल 71,000 रुपये उसे दिए थे।पुलिस ने इनके कब्जे से 3.50 लाख नगद,75 एटीएम कार्ड, 28 चेक बुक, 07 बैंक पासबुक, 08 आधार कार्ड, 02 पैन कार्ड, फर्जी फार्म-16, फर्जी पे-स्लिप, केनरा बैंक मुरादाबाद की एक मुहर, 12 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।

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