फर्रुखाबाद:आलू उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना पर कार्यशाला आयोजित

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24न्यूज) 09 सितंबर 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जनपद में संचालित भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना एवं शीतगृह में भण्डारण प्रभार पर अनुदान योजना के संबंध में कार्यशाला/बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मा. सांसद मुकेश राजपूत, भोजपुर विधायक नागेन्द्र सिंह राठौर, अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, उप निदेशक कृषि अरविन्द मोहन मिश्र, शीतगृह एसोसिएशन अध्यक्ष अजय गंगवार सहित जनपद के एफपीओ/एफपीसी, प्रगतिशील कृषक एवं आलू उत्पादक उपस्थित रहे।

आलू उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने पर जोर

उद्यान विभाग द्वारा जनपद के आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज की लागत के सापेक्ष उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना तथा शीतगृह में भण्डारण प्रभार में अनुदान योजना लागू की गई है।

कार्यशाला में निजी शीतगृह स्वामियों एवं प्रबंधकों, कृषक उत्पादक संगठनों/कम्पनियों तथा प्रगतिशील किसानों को योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आलू के भण्डारण, विक्रय एवं निर्यात से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

किसानों और शीतगृह संचालकों से मांगे सुझाव

बैठक के दौरान उपस्थित शीतगृह स्वामियों एवं किसानों से योजनाओं के संचालन को लेकर सुझाव भी मांगे गए। प्राप्त सुझावों को संकलित कर जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन स्तर पर भेजने की बात कही गई, ताकि योजनाओं का संचालन किसानों के हित में सुचारू रूप से किया जा सके।

इन दस्तावेजों के साथ कर सकते हैं ऑनलाइन पंजीकरण

विभाग की ओर से जनपद के सभी किसानों से अपील की गई है कि भण्डारित आलू के भण्डारण प्रभार पर अनुदान तथा भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराएं।

पंजीकरण के लिए मुख्य रूप से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति, कृषक आईडी, आलू उत्पादित भूमि का खसरा/खतौनी तथा कोल्ड स्टोरेज से संबंधित रसीदें आवश्यक होंगी। इनमें हस्ताक्षरित भण्डार रसीद, कोल्ड स्टोरेज किराया भुगतान रसीद, गेट पास/लाट निकासी रसीद तथा बोरी गणना/चट्टा रसीद आदि शामिल हैं।

किसान विभागीय ऑनलाइन पोर्टल potato.uphorticulture.in पर पंजीकरण कर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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