इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिमाह उद्योग मंत्री एवं विभागीय सचिव उद्यमियों के साथ बैठक करेंगे। जिलों में भी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की भागीदारी के साथ उद्योगपतियों की मासिक बैठक आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत 30 दिनों के अंदर उद्योगों को एनओसी देने की व्यवस्था की गई है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड डिक्लेरेशन का प्रावधान होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बिहार के उद्यमियों को 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी टेंडर में प्राथमिकता दी जाएगी। बिहार क्रय वरीयता नीति के तहत राज्य में उत्पादित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की 25 से 40 प्रतिशत खरीद राज्य सरकार करेगा।