कासगंज। विकासखंड अमापुर की समस्त ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति को लेकर अब ग्राम पंचायतवार जांच कराने तथा सफाई कार्यों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है।
मांग की जा रही है कि विकासखंड की प्रत्येक ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारियों ने अब तक किन-किन गांवों, गलियों, नालियों, सार्वजनिक स्थलों, पंचायत भवनों और अन्य स्थानों पर सफाई कार्य किया है, इसका पूरा रिकॉर्ड सामने लाया जाए। साथ ही कर्मचारियों की प्रतिदिन की उपस्थिति, ड्यूटी रजिस्टर और कार्य निष्पादन की भी गहनता से जांच हो।
जांच के दायरे में मोबाइल लोकेशन भी शामिल करने की मांग
मामले में सफाई कर्मचारियों की ग्राम पंचायतवार तैनाती का विवरण, उपस्थिति पंजिका, ड्यूटी रजिस्टर, सफाई कार्यों की फोटो और निरीक्षण रिपोर्ट की जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति की पुष्टि के लिए उनके मोबाइल लोकेशन रिकॉर्ड की भी नियमानुसार जांच कराने की बात उठाई जा रही है। वेतन भुगतान और वास्तविक कार्य निष्पादन का मिलान कर यह पता लगाया जाए कि सरकारी धन के बदले निर्धारित जिम्मेदारियों का कितना निर्वहन किया गया है।
सवाल यह है कि सफाई व्यवस्था धरातल पर दुरुस्त है या सिर्फ कागजों में?
यदि कोई कर्मचारी बिना उचित कारण लगातार अनुपस्थित पाया जाता है या अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं नियमित रूप से काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति भी जांच में स्पष्ट होनी चाहिए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विकासखंड अमापुर की सभी ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं या फिर सरकारी अभिलेखों में ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाई जा रही है? फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से ऐसी किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं और ग्राम पंचायतवार सफाई व्यवस्था का वास्तविक सच कब सामने आता है।