मानववादी संगठन अर्जक संघ की बोकारो शाखा के तत्वावधान में रविवार को डॉ. आंबेडकर मानस संस्थान, सेक्टर 8B स्थित जिला कार्यालय में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता दिवस तथा 1 नवंबर को चौधरी महाराज सिंह भारती की जयंती पर विज्ञान दिवस संयुक्त रूप से विचार गोष्ठी के रूप में मनाया गया। गोष्ठी का विषय था— “सामाजिक एकता में विज्ञान की कसौटी”।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय समिति सदस्य उषा सिंह ने की। उन्होंने सभी साथियों को एकता दिवस एवं विज्ञान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सामाजिक एकता तभी मजबूत होगी, जब हम जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर समानता, आपसी सम्मान और वैज्ञानिक सोच को अपनाएँगे। हर मान्यता को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखना ही विज्ञान की सच्ची सीख है।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि चौधरी महाराज सिंह भारती के विचारों के अनुसार मानव-मानव के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। विज्ञान ने पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया है। सामाजिक विषमता, जातिगत भेदभाव, धार्मिक उन्माद और अंधविश्वास सामाजिक एकता की बड़ी बाधाएँ हैं। वास्तविक एकता केवल देश की सीमाओं में रहने से नहीं, बल्कि लोगों के रहन-सहन, खान-पान, बोलचाल और आपसी व्यवहार में समानता एवं भाईचारा स्थापित होने से आती है। राष्ट्र निर्माण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक समानता आवश्यक हैं। वक्ताओं ने कहा कि जहां लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल ने खंड खंड में विभक्त भारत को एक करने में अहम भूमिका निभाई वहीं अर्जक संघ के प्रणेता सह शोषित समाज दल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चौधरी महराज सिंह भारती ने समाज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए दर्जनों पुस्तकें लिखकर समाज को नई दिशा दी।
कार्यक्रम में यमुना राम, बंधु प्रसाद रजक, बागेश्वर शाह, मथुरा प्रसाद कुशवाहा, शशिकांत कुमार सिन्हा, ज्ञानचंद सिंह, फूल कुमारी, मालती अर्जक, महेंद्र प्रसाद, विवेक कुमार सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार रखे।
अंत में अध्यक्ष उषा सिंह ने सभी उपस्थित साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।