फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जुलाई 2026 जिलाधिकारी डॉ.अंकुर लाठर के निर्देश पर जनपद में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत तथा यातायात प्रभारी ओम प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में नगर क्षेत्र में सघन चेकिंग की गई, जिसमें कई वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान प्रेशर हॉर्न का उपयोग करते पाए गए 3 ट्रकों को सीज कर दिया गया तथा उन पर कुल ₹30,000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगी 3 बुलेट मोटरसाइकिलों का चालान करते हुए ₹67,000 का जुर्माना लगाया गया। इन तीनों वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) को तीन माह के लिए निलंबित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चेकिंग टीम ने कादरीगेट थाना क्षेत्र स्थित रॉयल एनफील्ड के अधिकृत विक्रेता अंकुर ऑटो एजेंसी की वर्कशॉप का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सर्विस के लिए आई एक बुलेट मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा मिला। टीम ने वर्कशॉप परिसर में ही वाहन का चालान करते हुए ₹20,000 का जुर्माना लगाया और मौके पर ही मॉडिफाइड साइलेंसर हटवाया।
इसके बाद टीम ने शहर की विभिन्न मोटरसाइकिल रिपेयरिंग दुकानों और गैराजों का सर्वेक्षण कर मॉडिफाइड साइलेंसर की जांच की। सभी संचालकों को चेतावनी दी गई कि यदि उनके प्रतिष्ठान में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए या बेचे जाते पाए गए तो उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने बताया कि परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार अब मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर लगाने वाले डीलर, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों की शिकायत परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 एवं 149 पर भी दर्ज कराई जा सकती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वाहन में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या अन्य ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण लगाने अथवा फिटिंग में अनधिकृत परिवर्तन करने पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रथम अपराध पर ₹10,000 तक का जुर्माना, तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की अयोग्यता तथा वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) के निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ऐसे उपकरण लगाने वाले डीलर या वर्कशॉप संचालकों पर प्रति प्रकरण ₹1 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
प्रशासन ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं और यातायात नियमों का पालन करते हुए ध्वनि प्रदूषण रोकने में सहयोग करें।
