लखीमपुर खीरी : ​सीएमओ कार्यालय में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर संगोष्ठी आयोजित

लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देश पर आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ – नोडल वीडी) डॉ एसपी मिश्रा ने की। इस वर्ष यह दिवस “डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी: जांच करें, सफाई करें और ढकें” की थीम पर मनाया जा रहा है। इस दौरान डीएमओ हरिशंकर द्वारा सभी को जन जागरूकता की शपथ दिलाई गई।

​अध्यक्षता करते हुए डॉ एसपी मिश्रा ने बताया कि डेंगू एक वायरल बीमारी है जो साफ ठहरे पानी में पनपने वाले ‘मादा एडीज एजिप्टी’ (टाइगर मॉस्किटो) मच्छर के काटने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षण अचानक 104 डिग्री तक तेज बुखार, बदन व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, चकत्ते और गंभीर स्थिति में ब्लीडिंग होना हैं। डेंगू का कोई विशेष टीका या सटीक दवा नहीं है, इसका केवल लक्षणात्मक उपचार होता है। मरीज को हल्का आहार और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (ओआरएस, नारियल पानी) दें। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि बुखार होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के एस्पिरिन या ब्रूफिन जैसी पेनकिलर कतई न लें; ये खून पतला कर ब्लीडिंग का खतरा बढ़ाती हैं और प्लेटलेट्स तेजी से गिराती हैं। बुखार में केवल पैरासिटामोल ले।
​जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) हरिशंकर ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में 305 केस थे वहीं वर्ष 2025 में कुल 68 मामले आए थे और कोई जनहानि नहीं हुई थी, जबकि वर्ष 2026 में अब तक नकहा और गोला ब्लॉक से कुल 2 मामले संरेखित (चिन्हित) हुए हैं। डीएमओ ने बताया कि जैविक नियंत्रण के तहत अब तक 60 जल निकायों में मच्छरों का लार्वा खाने वाली गंबूशिया मछली छोड़ी जा चुकी है। संवेदनशील क्षेत्रों में लार्विसाइडल (केरोसिन, जला मोबिल) का छिड़काव, फागिंग और इंडोर स्प्रे (IRS) कराया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि हर रविवार को ‘ड्राई डे’ मनाएं और ‘हर रविवार, मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार’ के नारे को अपनाएं।

​स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड और प्रत्येक सीएचसी पर 5-5 बेड आरक्षित किए हैं। जिला अस्पताल में एनएस-1 व एलाइजा टेस्ट तथा प्रत्येक सीएचसी पर शुरुआती 5 दिनों के मरीजों के लिए एनएस-1 जांच की त्वरित सुविधा है। अस्पताल में प्लेटलेट्स और ब्लड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा एम्बुलेंस 102 व 108 अलर्ट मोड पर हैं। इसके अलावा, नगर पालिकाओं व पंचायतों में एंटी-लार्वा छिड़काव व साफ-सफाई के लिए अधिशासी अधिकारियों और डीपीआरओ को पत्र जारी कर संवेदनशील क्षेत्रों की सूची सौंप दी गई है।