लखीमपुर खीरी : राकिशसं ने गन्ना मूल्य 600 रुपए प्रति कुंतल निर्धारण सहित बकाया भुगतान की उठाई मांग

लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्री कृष्ण वर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,गन्ना एवं चीनी विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार को ज्ञापन भेजकर गन्ना फसल की बढ़ी लागत और चीनी,एथेनॉल, जैविक पोटाश खाद आदि की बढ़ी हुई कीमतों को दृष्टिगत रखकर पेराई सत्र 2026 -27 के लिए 600 रुपए गन्ना मूल्य निर्धारण करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि बीते पेराई सत्र में प्रदेश सरकार ने शीघ्र प्रजाति का गन्ना मूल्य 400 रुपए सामान्य का मूल्य 390 रुपए अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना मूल्य 355 रुपए निर्धारित किया था। गन्ना खरीद करने के बाद चीनी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है इस कारण थोक बाजार में चीनी 4800 और फुटकर में चीनी 5400 रुपये प्रति कुंतल बिक रही है जबकि चीनी का न्यूनतम मूल्य 3100 रुपए प्रति कुंतल निर्धारित है। इसके अलावा एथेनॉल, जैविक पोटाश और बिजली की दरों में भी बढ़ोतरी हुई है जिससे चीनी मिलें अरबो रुपए के अतिरिक्त मुनाफे में हैं। चीनी निर्माण प्रोसेसिंग में नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट कानपुर के शोध के अनुसार गन्ने के रस को शुद्ध करने के लिए गंधक के बजाय विद्युत इलेक्ट्रोड के द्वारा अशुद्धियां दूर की जाती है चीनी बनाने के लिए गन्ने के बैगास की राख से निर्मित एक्टीवेटेड बायोचार कर सफेद दानेदार चीनी बनाई जाती है जबकि पहले विदेश से आयात आयन एक्सचेंज रेसिंग का उपयोग किया जाता था इन उपायों से चीनी मिलों के चीनी निर्माण का प्रोसेसिंग खर्च बहुत कम होने के कारण चीनी मिलें पहले से अधिक मुनाफा कमा रही हैं। गन्ने के सह उत्पाद बैगास से ग्रीन कॉस्मेटिक प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन क्रीम और डिस्पोजल प्लेट, थाली, कटोरी, चम्मच, कागज ,दफ्ती आदि का निर्माण किया जाता है। इन इकाइयों को चीनी मिलों द्वारा बैगास बिक्री कर मुनाफा कमाया जाता है। इथेनॉल प्लांट से निकलने वाली राख से जैविक पोटाश का निर्माण किया जाता है लेकिन बैगास और जैविक पोटाश की बिक्री का एक भी पैसा गन्ना किसानों के भुगतान के लिए बैंक में खोले गए एस्क्रो अकाउंट में नहीं भेजा जाता है जैविक पोटाश और बैगास की बिक्री का धन गन्ना किसानों के एस्ट्रो अकाउंट में भेजे जाने की मांग भी की गई है। डीजल,बीज, खाद, पेस्टिसाइड की कीमतों और मजदूरी की वृद्धि का हवाला देते हुए ज्ञापन में लिखा गया है कि इस वृद्धि के कारण केंद्र सरकार ने गन्ने का एफआरपी 10 रुपये बढ़ा दिया है उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने गन्ने की अनुमानित उत्पादन लागत लगभग 392 रुपए प्रति कुंतल आंकी है जिसे दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश का गन्ना मूल्य 600 रुपए प्रति कुंतल निर्धारित किया जाना चाहिए। ज्ञापन में पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य ब्याज सहित तत्काल भुगतान करवाने की मांग की गई है।

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