फर्रुखाबाद की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मिथिलेश अग्रवाल ने साझा किया मेघालय यात्रा का रोमांच, प्रकृति की अनूठी विरासत से हुईं रूबरू

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अप्रैल 2026 कायमगंज की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मिथिलेश अग्रवाल एवं उनके पति ने हाल ही में भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की सुंदर और रोमांचक यात्रा की, जिसके अनुभव उन्होंने साझा किए। यह यात्रा प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और अद्भुत मानव-निर्मित संरचनाओं से भरपूर रही।

मेघालय, जो “सेवन सिस्टर” राज्यों में से एक है, अपने घने जंगलों, झरनों और विश्वप्रसिद्ध लिविंग रूट ब्रिज के लिए जाना जाता है। इसकी राजधानी शिलांग है, जहां मुख्य रूप से खासी जनजाति निवास करती है। यहां की वेश-भूषा, खान-पान, भाषा और सरल जीवनशैली आज भी अपनी मौलिकता को बनाए हुए हैं।

यात्रा के दौरान दंपत्ति गुवाहाटी से लगभग 5 घंटे का सफर तय कर चेरापूंजी पहुंचे, जिसे विश्व में सर्वाधिक वर्षा वाले स्थानों में गिना जाता है। हालांकि, यहां पीने के पानी की कमी एक चौंकाने वाली वास्तविकता के रूप में सामने आई। वे सोहरा स्थित एक रिसॉर्ट में ठहरे और वहां से प्रसिद्ध डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने पहुंचे।

यह ऐतिहासिक पुल डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज उमशियांग नदी पर स्थित है, जिसे खासी जनजाति ने रबर के पेड़ों की जड़ों को बुनकर तैयार किया है। करीब 500 वर्ष पुराने ये पुल समय के साथ और अधिक मजबूत होते जाते हैं, जिन्हें बनाने में 20-25 वर्ष लगते हैं।

इसके अलावा उन्होंने दावकी नदी (डॉकी/उमंगोट नदी) का भी भ्रमण किया, जहां करीब 500 सीढ़ियां उतरकर छोटी नाव से सफर करना अत्यंत रोमांचक अनुभव रहा। साफ पानी और प्राकृतिक सुंदरता यहां की विशेषता है।

यात्रा के दौरान उन्होंने मावस्माई गुफाएं भी देखीं, जो चूना पत्थर (लाइमस्टोन) से बनी संकरी और प्राचीन गुफाएं हैं। इनमें आज भी स्थानीय जनजाति के लोग उपयोग करते हैं और यह प्राकृतिक रहस्यों से भरपूर हैं।

दो दिन बाद वे शिलांग पहुंचे, जहां उन्होंने शहर की चहल-पहल के बीच एक सुंदर रेस्टोरेंट में भोजन किया। इसके बाद वे उमियम झील के किनारे स्थित एक होटल में ठहरे। यह झील करीब 12 किलोमीटर लंबी है, जिसे पेयजल और बिजली उत्पादन के उद्देश्य से बनाया गया है। यहां इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मेघालय के घने और अनछुए जंगलों में 100 से अधिक प्रजातियों के वृक्ष पाए जाते हैं, जिनमें कई हजारों वर्ष पुराने हैं। यहां की प्राकृतिक शांति, पक्षियों का कलरव, जंगली फूलों की खुशबू और स्वच्छ वातावरण मन को सुकून प्रदान करता है।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मिथिलेश अग्रवाल ने बताया कि मेघालय प्रकृति प्रेमियों और नई चीजें सीखने के इच्छुक लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां की संस्कृति, पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहर हर व्यक्ति को एक अलग अनुभव प्रदान करती है।