फर्रुखाबाद:ऊर्जा मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की अध्यक्षता में विद्युत योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 मई 2026 जनपद में कैलाश सिंह राजपूत की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में विद्युत विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विद्युत परियोजनाओं की प्रगति, नए उपकेंद्रों के निर्माण तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में प्रस्तावित 657 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2024-25 में प्रस्तावित 1213 कार्यों को भी पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 के भाग-2 में प्रस्तावित 19 कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं। खीमसेपुर पावर प्लांट का उच्चीकरण भी सफलतापूर्वक कर लिया गया है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि जनपद से कुल 1200 कार्य प्रस्तावित किए गए थे, जिनमें से विद्युत मुख्यालय द्वारा 421 कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इन कार्यों से जनपद के 436 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। बिजली घर निर्माण का कार्य Linto कंपनी द्वारा कराया गया है।

400 केवी विद्युत लाइन निर्माण परियोजना के अंतर्गत फर्रुखाबाद से महेबा जालौन तक 154 किलोमीटर लंबी लाइन का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा इसे 30 जून 2026 तक पूरा किए जाने की संभावना जताई गई। वहीं फर्रुखाबाद से बदायूं तक 96 किलोमीटर लंबी 400 केवी लाइन चार्ज हो चुकी है। इसके अलावा फर्रुखाबाद से छिबरामऊ तक 200 केवी लीलो लाइन के 12 किलोमीटर हिस्से को भी चार्ज कर दिया गया है। इन समस्त परियोजनाओं की कुल लागत 926.77 करोड़ रुपये बताई गई।

विद्युत वितरण खंड फर्रुखाबाद के अंतर्गत बिजनेस प्लान वर्ष 2024-25 पार्ट-1 में 33/11 केवी नवीन 2×5 एमवीए विद्युत उपकेंद्र बरा केशव का निर्माण कार्य 3.30 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया जा चुका है।

वहीं विद्युत नगरीय वितरण खंड फर्रुखाबाद की बिजनेस प्लान वर्ष 2025-26 योजना के अंतर्गत 33/11 केवी नवीन 10 एमवीए विद्युत उपकेंद्र सेंट्रल जेल का निर्माण कार्य 5.09 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है, जिसका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके 30 जून 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।

इसके अतिरिक्त जसमई में 33/11 केवी नवीन 10 एमवीए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण 7.39 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है, जिसका भी लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

बैठक में बताया गया कि गांव कुंएन नगला, दावद, बनकटी एवं बिलालपुर के ग्रामीणों द्वारा विद्युत संयोजन लेने से मना किए जाने के कारण वहां विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं हो सका। योजना के द्वितीय चरण में 155 गांवों के विद्युतीकरण हेतु प्रस्ताव उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा आरईसी को स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है।

बैठक में उपस्थित मुकेश राजपूत ने कहा कि विद्युत ट्रांसफार्मरों एवं पावर हाउसों की क्षमता का सही आकलन किया जाए, ताकि ट्रांसफार्मर बार-बार खराब न हों और विद्युत वितरण व्यवस्था बेहतर हो सके। उन्होंने विद्युत लाइनमैनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। सुरक्षा उपकरणों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोका जाए तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में भोजपुर विधायक, अमृतपुर विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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