फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 नबम्बर 2025 सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और चिकित्सा विशेषज्ञता का बेहतरीन उदाहरण फर्रुखाबाद के डॉ. राममनोहर लोहिया (मेल) अस्पताल में देखने को मिला, जहाँ एक अत्यंत जोखिमपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 45 वर्षीय महिला की जान बचाई गई। अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन मेजर डॉ. रोहित तिवारी ने अपनी कुशल टीम के साथ मिलकर 13.5 किलोग्राम वजनी ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकालकर एक चमत्कारिक सफलता हासिल की।
मरीज की हालत थी बेहद गंभीर — ट्यूमर तेजी से बढ़कर बना जानलेवा
फर्रुखाबाद की निवासी श्रीमती पूनम (45 वर्ष) पिछले कई महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं। पेट में अचानक बढ़ते ट्यूमर के कारण उन्हें—Sub-Acute Intestinal Obstruction (आंतों में रुकावट), Urinary Retention (पेशाब रुकने की समस्या), लगातार बढ़ता दर्द, भूख कम होना, चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई
जांच में पता चला कि मरीज के पेट में 13.5 किलो का विशाल Leiomyosarcoma मौजूद था, जो आंतों एवं मूत्राशय को दबाकर स्थिति को लगातार बिगाड़ रहा था। अन्य संस्थानों ने माना केस ‘अत्यंत जोखिमपूर्ण’, बताया महंगा इलाज
मरीज को पहले कई बड़े अस्पतालों में दिखाया गया:
निजी अस्पतालों ने सर्जरी का खर्च ₹5 लाख से अधिक बताया। GSVM मेडिकल कॉलेज कानपुर ने मरीज को AIIMS दिल्ली रेफर किया। AIIMS में सर्जरी की तारीख दो साल बाद मिलने की बात कही गई। स्थिति गंभीर थी और देर होने पर मरीज की जान को सीधा खतरा था।
DR. RML Male Hospital में तुरंत निर्णय, मेजर डॉ. रोहित तिवारी ने संभाली कमान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को डॉ. राममनोहर लोहिया (मेल) अस्पताल, फर्रुखाबाद लाया गया, जहाँ मेजर डॉ. रोहित तिवारी ने मामले की गहराई से जांच की और तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया।
यह ऑपरेशन जीवन-रक्षक था तथा इसमें किसी भी प्रकार की देरी घातक हो सकती थी।
घंटों चली जटिल सर्जरी — 13.5 किलो का विशाल ट्यूमर सुरक्षित हटाया गया। डॉ. रोहित तिवारी और उनकी सर्जिकल टीम ने कई घंटों की कठिन सर्जरी के दौरान—विशाल ट्यूमर को पूर्ण रूप से हटाया, आंतों पर पड़ा दबाव दूर किया, मूत्राशय की रुकावट समाप्त की, मरीज की जान को तत्काल खतरे से बाहर किया। यह केस अत्यंत जोखिमपूर्ण माना गया, लेकिन टीम की विशेषज्ञता ने इसे सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया।
सर्जिकल टीम
Lead Surgeon: Major Dr. Rohit Tiwari, Anaesthesia: Dr. Amitabh, Diagnosis & Blood Support: Dr. Jagmohan, Nursing Support: Nurse Anita Lal Ji, Nurse Renu
24 घंटे में मरीज खड़ी होकर चलने लगीं — पूरी प्रक्रिया रही निःशुल्क
सबसे बड़ी बात यह रही कि सर्जरी के मात्र 24 घंटे के भीतर पूनम जी स्वयं खड़ी होकर चल सकीं, जो एक असाधारण उपलब्धि है। जांच, भर्ती, ऑपरेशन, दवाएं और देखभाल—पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क रही।
CMS ने उपलब्धि की रिपोर्ट जन सूचना अधिकारी को भेजी
अस्पताल प्रशासन ने इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि CMS की ओर से इस उल्लेखनीय उपलब्धि का पत्र जन सूचना अधिकारी को भेज दिया गया है, ताकि इसे आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया जा सके।
यह न केवल सरकारी अस्पतालों की छवि को और मजबूत करेगा, बल्कि जनता में यह भरोसा भी स्थापित करेगा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाएं जटिल से जटिल मामलों में भी उच्च गुणवत्ता वाला उपचार देने में सक्षम हैं।
निष्कर्ष —
प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए गर्व का क्षण
यह सफलता दर्शाती है कि Dr. RML Male Hospital, Farrukhabad उच्च-जोखिम वाले चिकित्सा मामलों को विशेषज्ञता, समर्पण और सामूहिक टीमवर्क के साथ संभालने में पूर्ण रूप से सक्षम है।
यह उपलब्धि न सिर्फ फर्रुखाबाद बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए गर्व का विषय है।
