फर्रुखाबाद:बाल विवाह एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों पर छात्राओं को किया जागरूक

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 अगस्त 2026 माननीय जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद के निर्देशन में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में बाल विवाह तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार एवं उनके प्रति समान और सम्मानजनक व्यवहार के विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की श्रीमती बिंदिया भटनागर ने बाल विवाह एवं ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कानूनी अधिकारों, समानता और सम्मान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। इसके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, 12 सितंबर 2026 के संबंध में भी छात्राओं एवं शिक्षकगण को जानकारी दी। बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के वादों एवं विवादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर सरल, शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण कराया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति आमजन को अधिक से अधिक जागरूक करने की अपील की।

कार्यक्रम में पर्यावरण विशेषज्ञ श्रीमती गुंजा जैन ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को इसके विरुद्ध जागरूक रहने का संदेश दिया। वहीं, असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल श्रीमती सीता ने बाल विवाह से संबंधित विधिक प्रावधानों एवं इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी और छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती दीपिका राजपूत सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्या एवं अन्य शिक्षकों ने भी बाल विवाह और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित विषय पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम को रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय की छात्राओं ने पोस्टर एवं नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने तथा समाज में प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान एवं सम्मानजनक व्यवहार किए जाने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा समाज में समानता, सम्मान एवं विधिक अधिकारों के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने का संकल्प दिलाया गया।

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