‘सपोर्टिंग कलाकारों से सेट पर बात नहीं करते बड़े स्टार्स’, ‘सैयारा’ फेम राजेश कुमार ने खोली इंडस्ट्री की पोल

भारतीय सिनेमा को स्टार प्रधान सिनेमा माना जाता है। जहां सुपरस्टार और स्टार के नाम पर फिल्म का बजट निर्भर करता है। उन्हें ही फिल्म के हिट की गारंटी भी माना जाता है। यही कारण है कि अक्सर सपोर्टिंग एक्टर्स को वो तवज्जो और श्रेय नहीं मिलता, जिसके वो हकदार होते हैं। हाल ही में अभिनेता राजेश कुमार ने स्टारडम को लेकर बड़ा खुलासा किया। साथ ही उन्होंने बताया कि सेट पर सहायक कलाकारों के साथ कुछ स्टार्स का कैसा रवैया रहता है। आफताब पुंटू के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ फेम अभिनेता राजेश कुमार ने बताया कि अगर आप किसी बड़ी फिल्म के सेट पर जाते हैं, तो किसी सीन पर होने वाली बातचीत सिर्फ 4-5 लोगों तक ही सीमित रहती है। ये लोग निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर, मुख्य अभिनेता और मुख्य लेखक। बाकी लोगों के अनुभव, उनकी कोई अहमियत नहीं होती। अभिनेता ने कहा कि हालांकि मैंने अमिताभ बच्चन के साथ कभी काम नहीं किया, लेकिन सुना है कि वो सहायक कलाकारों के साथ अपने सीन का रिहर्सल करना पसंद करते हैं। लेकिन अन्य स्टार्स के साथ ऐसा नहीं है।

अभिनेता ने आगे कहा कि हाल ही में मैंने किसी भी मुख्य अभिनेता को हमारे साथ रिहर्सल करते नहीं देखा है। वो या तो लेखक के साथ रिहर्सल करते हैं या असिस्टेंट के साथ। उनकी सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ कोई बातचीत ही नहीं होती। इसी वजह से फिल्म को नुकसान होता है क्योंकि कभी-कभी लोगों को लगता है कि सहायक कलाकार हमें पीछे छोड़ देंगे। कई स्टार्स कभी-कभी प्रतिभाशाली सहायक कलाकारों के साथ काम करने को लेकर इनसिक्योर रहते हैं। इसलिए वे उनके रास्ते में बाधाएं डालने लगते हैं। वो ऐसा करते हैं कि सपोर्टिंग एक्टर्स को उनके डायलॉग्स के आखिरी पल ही मिलें।