बरेली/आंवला की पीड़िता ने मुकदमे में फैसले का दबाव का आरोप लगाते हुए सीओ से की शिकायत, झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप।

आंवला। आंवला क्षेत्र में एक महिला ने पूर्व में दर्ज मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने, जान से मारने की धमकी देने और झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) से शिकायत की है। आंवला थाना क्षेत्र के गोठा खंडुआ गांव की पीड़िता निशा पत्नी राजेश ने गुरुवार को सीओ को प्रार्थना पत्र दिया। पीड़िता निशा ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उसने 17 जून को गंभीर धाराओं में एक मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला वर्तमान में किशोर न्याय बोर्ड बरेली में विचाराधीन है, जिसमें एक किशोर अपचारी वांछित है। पीड़िता को इस मामले में आपत्ति के लिए नोटिस मिला था, जिसके बाद वह नियत तिथि पर किशोर न्याय बोर्ड बरेली पहुंची थी।
आरोप है कि न्यायालय पहुंचने पर विपक्षी गणों ने पीड़िता और उसके परिवार को धमकी देना शुरू कर दिया। उन्होंने मुकदमे में समझौता करने और पैरवी न करने का दबाव बनाया। धमकी दी गई कि यदि समझौता नहीं किया गया, तो परिवार के सदस्यों को छेड़छाड़ और बलात्कार के झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा।
पीड़िता के अनुसार, 20 अगस्त को दबंगों ने एक षड्यंत्र रचा। उन्होंने अपने बच्चों के साथ मारपीट की झूठी घटना दर्शाते हुए पीड़िता, उसके जेठ और सास के खिलाफ आंवला थाने में एक झूठी तहरीर दी। आरोप है कि विपक्षीगणों की इस झूठी तहरीर पर पुलिस अनावश्यक रूप से पीड़िता के परिवार को परेशान कर रही है।
पीड़िता ने बताया कि विपक्षीगण पूरे गांव में यह कहते घूम रहे हैं कि जब तक मुकदमा वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक वे ऐसे ही झूठे षड्यंत्र रचकर मुकदमे दर्ज करवाते रहेंगे। पीड़िता और उसका पूरा परिवार सदमे में है। न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड में तारीख पर जाने पर भी विपक्षी गण जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और लगातार झूठी शिकायतें कर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि समझौते के लिए मजबूर किया जा सके। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच और विपक्षी गणों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Leave a Comment