फर्रुखाबाद:किसान दिवस में फार्मर रजिस्ट्री, मृदा स्वास्थ्य और आलू किसानों की समस्याओं पर हुई चर्चा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 अगस्त 2026 विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में कृषि, राजस्व, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, सहकारिता, मत्स्य, मंडी, खाद्य एवं रसद, गन्ना, नलकूप, बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ किसानों ने प्रतिभाग किया। किसान दिवस में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया।

बैठक की शुरुआत उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र ने किसानों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने बताया कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य लगातार प्रगति पर है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं कराई है। उन्होंने किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने की अपील की।

उप कृषि निदेशक ने किसानों को सलाह दी कि खेतों की मृदा जांच रिपोर्ट की संस्तुति के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा कम है। इसे बढ़ाने के लिए किसान हरी खाद, जैसे ढैंचा एवं सनई, वर्मी कम्पोस्ट तथा सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग करें।

कृषि विज्ञान केंद्र जाजपुर बंजारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविन्द कुमार ने खरीफ फसलों में बेहतर उत्पादन के लिए कीट-पतंगों एवं बीमारियों से बचाव तथा संतुलित उर्वरकों के उपयोग को जरूरी बताया। उन्होंने किसानों को अपने उपयोग के लिए किचन गार्डन/गृह वाटिका विकसित कर ताजी एवं शुद्ध सब्जियों का उत्पादन करने की सलाह दी। साथ ही कृषि के साथ पशुपालन और कृषि विविधीकरण अपनाने पर भी जोर दिया।

फार्मर रजिस्ट्री में आ रही समस्याओं के समाधान की मांग

प्रगतिशील किसान शिव प्रताप सिंह चौहान ने किसान दिवस में फार्मर रजिस्ट्री के दौरान किसानों को आ रही समस्याओं को उठाया। उन्होंने बताया कि अंश निर्धारण, नाम मिसमैच तथा आदेश में नाम संबंधी दिक्कतों के कारण किसानों को फार्मर आईडी बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने राजस्व विभाग से इन समस्याओं का समय से समाधान कराने की मांग की, जिससे किसान आसानी से अपनी फार्मर आईडी बनवा सकें।

पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने किसानों को जलवायु परिवर्तन से घबराने के बजाय खेती के तौर-तरीकों में बदलाव लाने की सलाह दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का कम से कम प्रयोग करते हुए प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने, अंतःफसली खेती और मोटे अनाज की फसलों को अपनाने तथा मृदा में जीवांश कार्बन बनाए रखने के लिए हरी खाद के प्रयोग पर जोर दिया।

आलू किसानों की समस्याएं भी उठीं

प्रगतिशील किसान सुधीर कुमार शुक्ला ने जनपद के आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आलू भंडारण के किराये में किसानों को छूट देने तथा आलू के उचित मूल्य के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसके तहत सरकारी राशन की दुकानों के माध्यम से राशन कार्डधारकों को आलू भी उपलब्ध कराया जा सके। इससे आलू की मांग बढ़ने और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना जताई गई।

किसान दिवस में विभिन्न किसानों ने संबंधित विभागों से जुड़ी समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। किसानों ने शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कराने का आग्रह किया। इस दौरान कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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