फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 जून 2026 संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद फर्रुखाबाद में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य स्तरीय मेगा बाढ़ मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विभिन्न विभागों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपसी समन्वय की क्षमता का परीक्षण करना था।
जनपद की तीनों तहसीलों के चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आयोजित इस मेगा मॉक ड्रिल का शुभारंभ सुबह 9 बजे हुआ और शाम 4:30 बजे तक विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफल प्रदर्शन किया गया। अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों, चिकित्सा सहायता, राहत शिविर संचालन, संचार व्यवस्था तथा प्रभावित लोगों के सुरक्षित पुनर्स्थापन की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया।
सदर तहसील में राहत शिविर और फील्ड हॉस्पिटल का प्रदर्शन
तहसील सदर के ग्राम पंखियाँ की मड़ैया, मजरा कटरी धरमपुर (थाना मऊदरवाजा) में बाढ़ चौकी, राहत शिविर और फील्ड हॉस्पिटल की स्थापना का प्रदर्शन किया गया। यहां प्रभावित लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाने, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।
अमृतपुर में नाव पलटने की काल्पनिक घटना पर रेस्क्यू अभ्यास
तहसील अमृतपुर में बाढ़ के दौरान नाव पलटने की काल्पनिक घटना का परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें बचाव दलों ने प्रभावित लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, चिकित्सकीय सहायता और राहत कार्यों का सफल प्रदर्शन किया। आपदा प्रतिक्रिया दलों द्वारा आधुनिक उपकरणों और संसाधनों के उपयोग का भी प्रदर्शन किया गया।
कायमगंज में सुरक्षित निकासी और राहत वितरण का अभ्यास
तहसील कायमगंज के ग्राम गुटैटी दक्षिण, थाना एवं विकास खंड शमसाबाद क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत शिविरों में ठहराने, राहत सामग्री वितरण तथा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का अभ्यास किया गया।
एनडीआरएफ, आर्मी समेत कई विभागों ने लिया हिस्सा
मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), आर्मी, पुलिस विभाग, फ्लड पीएसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एम्बुलेंस सेवाएं, आपदा मित्र, होमगार्ड, राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियों सहित विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी की।
तीनों तहसीलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों ने नोडल अधिकारी एवं इंसिडेंट कमांडर के रूप में पूरे अभ्यास का नेतृत्व किया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
आपदा प्रबंधन क्षमता को और मजबूत बनाने की पहल
जिला प्रशासन के अनुसार इस मेगा मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना, उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना तथा विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना था। अभ्यास के सफल आयोजन पर जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और आपदा मित्रों के सहयोग की सराहना की तथा भविष्य में भी आपदा प्रबंधन तैयारियों को और सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।
