फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 जून 2026 उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। फर्रुखाबाद में आलू आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में शासन स्तर पर पहल शुरू हो गई है। प्रस्ताव के अनुसार रूस, चीन और पोलैंड से तकनीक मंगाकर आलू से वोदका तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने वाले उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अनुभाग-2 का एक आधिकारिक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। पत्र के अनुसार आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें फर्रुखाबाद में आलू आधारित उद्योग स्थापित करने तथा आलू से वोदका एवं अन्य उत्पाद बनाने के लिए विदेशी तकनीक अपनाने का अनुरोध किया गया था।
उप सचिव हरी लाल सिंह द्वारा 5 जून 2026 को जारी पत्र में उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश, कानपुर को निर्देशित किया गया है कि संबंधित प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्यवाही से शासन को अवगत कराया जाए।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रस्ताव आलू से मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण और आलू आधारित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से जुड़ा है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो फर्रुखाबाद के आलू किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही जिले में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
फर्रुखाबाद लंबे समय से उत्तर प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में शामिल रहा है। अक्सर किसानों को आलू के उचित दाम नहीं मिलने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रसंस्करण आधारित उद्योग स्थापित होने से किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि फिलहाल यह केवल प्रस्ताव और प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई का चरण है। उद्योग स्थापना, निवेश, तकनीक हस्तांतरण तथा अन्य आवश्यक स्वीकृतियों के बाद ही परियोजना के वास्तविक स्वरूप और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आलू आधारित उद्योग सफलतापूर्वक स्थापित होते हैं तो फर्रुखाबाद देश के प्रमुख आलू प्रसंस्करण केंद्रों में शामिल हो सकता है और स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
