फर्रुखाबाद पुलिस की प्रभावी पैरवी से दो मामलों में 12 अभियुक्त दोषसिद्ध, कोर्ट ने सुनाई सजा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 मई 2026 जनपद में फतेहगढ़ पुलिस की प्रभावी पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की सक्रिय कार्यवाही के चलते दो अलग-अलग मामलों में कुल 12 अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध करते हुए कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई। यह कार्रवाई श्रीमान पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई, जिसमें अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने हेतु संबंधित थाना प्रभारियों एवं पैरोकारों को निर्देशित किया गया था।

पहले मामले में अभियुक्त फैसल पुत्र बौरे खाँ, माजिद उर्फ सामिर पुत्र बाबू खाँ तथा लला उर्फ लंगड़ा उर्फ अब्दुल रहमान पुत्र मुल्तान खाँ निवासी पपड़ी खुर्द बुजुर्ग, कोतवाली कायमगंज, जनपद फर्रुखाबाद के विरुद्ध वर्ष 2017 में थाना कायमगंज में धारा 354, 506 भादवि एवं एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

मामले में फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष तथा कोर्ट पैरोकारों की प्रभावी पैरवी के चलते एडीजे द्वितीय एससी/एसटी एक्ट कोर्ट ने दिनांक 26 मई 2026 को तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 4-4 वर्ष के कारावास तथा 16-16 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

इस मामले में एडीजीसी श्री के.के. पाण्डेय, एडीजीसी अनुज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार तथा पैरोकार कांस्टेबल विवेक कुमार की विशेष भूमिका रही।

वहीं दूसरे मामले में अभियुक्त छोटे जाटव पुत्र बुद्धा निवासी लालगेट थाना कोतवाली फर्रुखाबाद सहित कुल 9 अभियुक्तों के विरुद्ध वर्ष 2002 में थाना मऊदरवाजा में धारा 394, 411, 504, 506, 225, 332 एवं 353 भादवि के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।

इस मामले में भी फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप एडीजे तृतीय कोर्ट ने 26 मई 2026 को अभियुक्त छोटे जाटव को 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, जबकि अन्य 8 अभियुक्तों को 2-2 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। सभी अभियुक्तों पर 2000-2000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

मामले में एडीजीसी श्री अनुज प्रताप, एडीजीसी श्री हरिनाथ सिंह, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह तथा पैरोकार कांस्टेबल गुलाम गौस की अहम भूमिका रही।

फतेहगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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