फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 मई 2026 उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा जनपद में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, फर्रुखाबाद के निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रम प्रवर्तन अधिकारी दामोदर प्रसाद अग्रहरि एवं चाइल्ड राइट्स एसोसिएट मो. जीशान अंसारी द्वारा भोजपुर विधायक Nagendra Singh Rathore से संपर्क कर दुकानदारों, व्यापारियों एवं अभिभावकों के लिए बाल श्रम उन्मूलन संबंधी अपील जारी कराई गई।
विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि समाज और देश की प्रगति तभी संभव है, जब बच्चों का बचपन सुरक्षित, शिक्षित और खुशहाल हो। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल, खेल मैदान और परिवार के स्नेह में होना चाहिए, न कि दुकानों, होटलों, कारखानों या खतरनाक कार्यस्थलों पर।
उन्होंने सभी दुकानदारों, व्यापारियों, फैक्ट्री संचालकों एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराया जाए। अपने प्रतिष्ठानों को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लें और बच्चों को मजदूरी में लगाने के बजाय उनकी शिक्षा में सहयोग करें।
विधायक ने कहा कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। बाल श्रम कानून के उल्लंघन पर न्यूनतम 6 माह से अधिकतम 2 वर्ष तक की सजा तथा ₹20 हजार से ₹50 हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि बच्चों को मजदूरी में भेजने के बजाय विद्यालय भेजें और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि “एक शिक्षित बच्चा ही परिवार, समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाता है।” यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन एवं श्रम विभाग को दें। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1098, 1800-102-722 तथा पेंसिल पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
श्रम विभाग ने जनपदवासियों से बाल श्रम मुक्त समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
