आजमगढ़ :द दस्तक न्यूज 24 आजमगढ़ जनपद की तहसील बूढ़नपुर परिसर स्थित विद्युत उपकेंद्र की अघोषित बिजली कटौती से आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार हो रही कटौती ने लोगों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कभी शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली गुल रहती है तो कभी रात 9 बजे से देर रात 12 बजे तक आपूर्ति ठप कर दी जाती है। इससे छात्रों की पढ़ाई, दुकानदारों का व्यवसाय, घरेलू कार्य तथा छोटे उद्योग-धंधे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी उत्पन्न होने लगा है क्योंकि अधिकांश स्थानों पर पानी की आपूर्ति विद्युत मोटरों पर निर्भर है उपभोक्ताओं का कहना है कि जब इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “शासन के निर्देश पर अघोषित कटौती की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।” हालांकि क्षेत्रीय नागरिकों को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जनता को इतनी कठिनाइयों में डालने वाला कोई असंवेदनशील निर्देश दे सकती है। लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं सरकार की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर मनमानी तो नहीं की जा रही है।क्षेत्र के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के कारण रात में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। वहीं इनवर्टर और जनरेटर पर निर्भरता बढ़ने से आम परिवारों का आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। जिन परिवारों के पास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, वे अंधेरे और उमस में रात गुजारने को मजबूर हैं।स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अघोषित कटौती पर रोक नहीं लगी तो जनता सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी। लोगों ने जिला प्रशासन एवं ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर नियमित और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार “हर घर बिजली” और बेहतर विद्युत व्यवस्था का दावा करती है, लेकिन बूढ़नपुर क्षेत्र की स्थिति इन दावों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है और इस अव्यवस्था पर कब तक नियंत्रण कर पाता है।
अजय कुमार जिला ब्यूरो चीफ आजमगढ़
