लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 अप्रैल 2026 उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भर्ती प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन सेवाओं और पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 81,000 से अधिक पदों पर पुलिस भर्ती की जाएगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में मेरिट, आरक्षण, पारदर्शिता और समयबद्धता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कानून-व्यवस्था और तकनीकी सुधार पर जोर
सीएम ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। इसी के तहत PRV 112 के रिस्पांस टाइम को 6 मिनट से और कम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही PRV वाहनों की रणनीतिक तैनाती और लगातार मूवमेंट सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
तबादलों और प्रशासनिक सुधार पर निर्देश
लखनऊ में लंबे समय से तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्य में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे।
अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने की योजना
मुख्यमंत्री ने ‘एक तहसील – एक फायर टेंडर’ योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही हर जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर अनिवार्य करने की बात कही गई।
डिजिटल और साइबर सुरक्षा में सुधार
प्रदेश के सभी 75 जिलों में पुलिस रेडियो सिस्टम में ई-ऑफिस और डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अब तक ₹425.7 करोड़ की ठगी रोकी गई है, जबकि साइबर हेल्पलाइन 1930 की कॉल हैंडलिंग क्षमता भी बढ़ाई गई है।
प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास
प्रदेश में अब तक 60,000 से अधिक आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 2026-27 में 4500 उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके अलावा 7500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण में भी तेजी लाई जाएगी।
जेल और सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार
जेलों में पेशियों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। वहीं रेलवे पुलिस को ट्रैक सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती और जनहित पहल
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और लंबित जांचों का तेजी से निस्तारण होगा।
इसके साथ ही पुलिस कर्मियों के लिए आवास निर्माण और कॉर्पस फंड बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है।
ऑपरेशन मुस्कान की सफलता
‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अब तक 2325 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है, जिसे मुख्यमंत्री ने सराहनीय बताया।
कुल मिलाकर, इस बैठक के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले समय में पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे प्रदेश में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था और बेहतर हो सके।
