फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 सितम्बर 2025 भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बुधवार को उन पंजीकृत राजनीतिक दलों की सुनवाई की, जिन्होंने पिछले छह वर्षों से किसी भी लोकसभा या विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के पते पर पंजीकृत कुल 121 राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इनमें से 51 दलों को 03 सितम्बर को सुनवाई के लिए बुलाया गया, लेकिन केवल 17 पंजीकृत दलों के प्रतिनिधि ही उपस्थित हुए। वहीं, 2 और 3 सितम्बर को हुई सुनवाई में कुल 55 दलों ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्येक दल द्वारा प्रस्तुत अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण (ऑडिट) रिपोर्ट एवं निर्वाचन व्यय विवरण की गहन जांच की। उन्होंने कहा कि—प्रत्येक दल को 30 सितम्बर तक अंशदान रिपोर्ट और 31 अक्टूबर तक आय-व्यय की ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से देनी होगी।
लोकसभा चुनाव के बाद 90 दिनों में और विधानसभा चुनाव के बाद 75 दिनों में आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा। किसी भी दल को 20,000 रुपये से अधिक के अंशदान की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दाखिल करनी होगी। सभी दलों को अपना ईमेल, मोबाइल नंबर और वर्तमान पता अपडेट रखना होगा, ताकि आयोग के निर्देश समय पर मिल सकें।
बुधवार को जिन दलों के प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित हुए, उनमें गदर पार्टी (प्रतापगढ़), नवचेतना पार्टी (मैनपुरी), नवीन समाजवादी दल (प्रयागराज), निस्वार्थ सेवा राष्ट्र सेवा पार्टी (प्रयागराज), पूर्वांचल क्रांति पार्टी (जौनपुर), राष्ट्रवादी इंसान पार्टी (प्रयागराज), राष्ट्रवादी समाज पार्टी (कानपुर नगर), राष्ट्रीय बंधुत्व पार्टी (प्रयागराज), आम जन क्रांति पार्टी (इटावा), राष्ट्रीय लोकतंत्र दल (हापुड़), राष्ट्रीय मानव विकास पार्टी (अमरोहा), सामूहिक एकता पार्टी (कानपुर नगर), सर्वप्रिय समाज पार्टी (इटावा), सत्य शिखर पार्टी (अयोध्या), यूथ सोशलिस्ट पार्टी (मुरादाबाद), युवा अनुभव पार्टी (गोरखपुर) और भारतीय युवा स्वाभिमान पार्टी (औरैया) शामिल रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोहराया कि नियमों का पालन न करने वाले दलों पर निर्वाचन आयोग आवश्यक कार्यवाही करेगा।
