रामगंगा के रौद्र रूप में समाया कपूरपुर का रामगंगा मंदिर,लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता, नदी के रौद्र रूप ने बढ़ाया खतरा !

बरेली/मीरगंज:- रामगंगा नदी के लगातार बढ़ते कटान और तेज बहाव ने कपूरपुर क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। नदी के रौद्र रूप के चलते कपूरपुर स्थित रामगंगा मंदिर नदी की धारा में समा गया। मंदिर के नदी में समाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं रामगंगा का कटान अभी भी लगातार जारी है, जिससे आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।पिछले कुछ दिनों से रामगंगा का जलस्तर और बहाव ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। तेज बहाव के साथ नदी के किनारों पर लगातार कटान हो रहा है। कई स्थानों पर नदी का पानी तेजी से किनारों को काटता हुआ आगे बढ़ रहा है। इसी कटान की चपेट में आने से कपूरपुर का रामगंगा मंदिर भी सुरक्षित नहीं रह सका और देखते ही देखते नदी की धारा में समा गया।मंदिर के नदी में समाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने नदी के रौद्र रूप को देखकर चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो नदी आसपास के अन्य क्षेत्रों और ग्रामीण आबादी के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है।कटान ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंतारामगंगा के लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि नदी की धारा यदि इसी तरह अपना रुख बदलती रही तो खेतों के साथ-साथ आबादी वाले इलाकों पर भी संकट मंडरा सकता है। नदी किनारे रहने वाले लोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कराने, कटान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने और आवश्यक बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।रौद्र रूप देख सहमे ग्रामीण रामगंगा नदी का तेज बहाव और लगातार कटता किनारा लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। नदी का पानी जिस तेजी से जमीन को अपने साथ बहा रहा है, उसे देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग नदी के आसपास जाने से बच रहे हैं और एक-दूसरे को भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि नदी किनारे लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जाए और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। साथ ही कटान रोकने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ग्रामीणों की जान-माल और कृषि भूमि को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।रामगंगा का कटान फिलहाल जारी है। ऐसे में आने वाले समय में नदी की धारा और कटान की स्थिति क्या रुख लेती है, इस पर ग्रामीणों और प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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