20.39 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण: बोले सीएम योगी, ताल-पोखरों को बपौती समझते थे लोग, अब बनता है पर्यटन स्थल

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिलुआताल में 20.39 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास से संबंधित निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल में प्राकृतिक जल है, लेकिन वहां शहर के पानी को ट्रीट कर छोड़ा जाता है। चिलुआताल में भी प्राकृतिक जल है और इसका शुद्धिकरण किया गया है। पिछली सरकारों में ताल और पोखरों पर अतिक्रमण किया जाता था। उन्हें नष्ट किया जाता था। लोग उन्हें अपनी बपौती समझकर कब्जा कर लेते थे और हवेलियां बना लेते थे। ऐसे क्षेत्र गंदगी और अपराध के गढ़ बन जाते थे। अब डबल इंजन वाली सरकार ताल और पोखरों का संरक्षण कर रही है।

सीएम योगी ने कहा कि पिछले दिनों रामगढ़ताल में नेशनल रोइंग प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। इसमें 22 राज्यों के 243 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। सभी प्रतिभागी कहते थे कि इतनी अच्छी झील देखने को कम ही मिलती है। वे लोग यहां आएंगे तो उन्हें और अच्छा लगेगा। रामगढ़ताल के साथ चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। यहां दुकानें खुल गई हैं। लोग परिवार के साथ आकर यहां घूम सकते हैं। यहां न प्रदूषण है और न किसी प्रकार की अव्यवस्था। यहां का तापमान भी शहर की तुलना में कम रहता है। पूरी झील से आने वाली ठंडी हवा तापमान को कम बनाए रखती है।

यही सिटी डेवलपमेंट प्लान होता है। अब हमारी सिटी केवल स्मार्ट ही नहीं, बल्कि सेफ और सस्टेनेबल सिटी के रूप में भी आगे बढ़ रही है। फर्टिलाइजर प्लांट छह वर्ष पहले तक बंद था। वर्ष 1990 से 2021 तक इसकी गतिविधियां ठप थीं। बीच के समय में यहां एसएसबी आ गई, अन्यथा यहां का स्क्रैप भी गायब हो गया होता। अब यहां एसएसबी, फर्टिलाइजर प्लांट, सैनिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय भी हैं। केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। जब प्रधानमंत्री ने इस फर्टिलाइजर प्लांट का शुभारंभ किया था, तभी इस वाटर बॉडी को विकसित करने का विचार आया था। फर्टिलाइजर प्लांट को जल की आवश्यकता थी। इसे रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित कर इको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का हब बनाया जाएगा।

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