गया:अर्जक संघ ने मनाया क्रांति दिवस

राम स्वरूप वर्मा क्रांति के अगुआ थे–प्रो आरके यादव
–अर्जक संघ ने वर्मा जी की जयंती को क्रांति दिवस के रूप में मनाया
गया, 22 अगस्त।मानववादी संगठन अर्जक संघ के संस्थापक महामना राम स्वरूप वर्मा क्रांति के अगुआ थे। वे बीसवीं सदी के सबसे बड़े समाज सुधारक थे।उक्त विचार आज केवाली गाँव में अर्जक संघ द्वारा आयोजित क्रांति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए संघ के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गया कोलेज के सेवा निवृत प्रोफेसर राम कृष्ण प्रसाद यादव ने उद्घाटन करते हुए व्यक्त किया।
जिलाध्यक्ष प्रहलाद राय की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में प्रो यादव ने कहा कि चूंकि वर्मा जी क्रांति के अग्रदूत थे इसलिए उनके जन्म दिन के अवसर पर 22 अगस्त को क्रांति दिवस नामक त्यौहार मनाया जाता है।
समारोह के मुख्य अतिथि उपेन्द्र पथिक ने कहा महामना राम स्वरूप वर्मा की नजर में  समाज में व्याप्त ऊंच नीच छुआ छूत,पुनर्जन्म , भाग्यवाद , जाति पाती, चमत्कार ये सब ब्राह्मणवादी पंचांग है। यह शोषण पर आधारित व्यवस्था है।इसे नकारकर वैज्ञानिक सोच विकसित करने और सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक विषमता को मिटाकर मानववादी व्यवस्था लागू करने के लिए वर्मा जी ने जागृति पैदा किया। उन्होंने कहा कि  राम स्वरूप वर्मा सोशलिस्ट पार्टी से तीन बार उत्तर प्रदेश में विधायक बने ,एक बार निर्दलीय और दो बार शोषित समाज दल से विधायक बने। 1967 की संविद सरकार में वे वित्त मंत्री बने ।उस हैसियत से उन्होंने बिना कोई नया टैक्स लगाए मुनाफा का बजट पेश करके दुनिया के अर्थशास्त्रियों को अचंभित कर दिया था। अपने मंत्रालय से अंग्रेजी के टाइपराइटर को नीलाम करवा दिया और हिंदी टाइपरेटर खरीदवाया ।नतीजतन उत्तर प्रदेश में वित्त विभाग में हिंदी में ही काम होने लगा। वे हिंदी के प्रबल समर्थक थे।इसलिए वे मंत्री रहते हुए दिल्ली में हजारों शोषितों के लेकर गिरफ्तारी दी थी।
वे समाज में बराबरी लाना चाहते थे।
वर्मा जी उत्तर प्रदेश में छह बार विधायक चुने गए जिसमें तीन बार सोशलिस्ट पार्टी है एक बार निर्दलीय और दो बार शोषित समाज दल से चुने गए। उन्होंने 1 जून 1968 को लखनऊ में अर्जक संघ और 7 अगस्त 1972 को शोषित समाज दल की स्थापना की थी। वे सामाजिक क्षेत्र में मानववाद और राजनीतिक क्षेत्र में समाजवाद की स्थापना करना चाहते थे।
समारोह को अन्य अर्जकों के अलावा शिवनंदन प्रसाद प्रभाकर,अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद सिंह, विनोद विरोधी, फेंकू दास, मूंगेस्वर यादव, कवि मुंद्रिका प्रसाद,यमुना प्रसाद, अमरेश सरदार, देवनन्दन प्रसाद,राजनाथ सिंह आदि वक्ताओं ने मानववादी दार्शनिक राम स्वरूप वर्मा के विचारधारा पर विस्तार से चर्चा करते हुए उसपर अमल करने पर बल दिया।
अर्जक संघ ने क्रांति दिवस को त्यौहार के रूप में मनाया।

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